मास्टर प्लान-2031 पर अंतिम मुहर लगने में समय लग सकता है। शहरी विकास मंत्रालय ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा मास्टर प्लान के तहत भेजे डाटा को अपर्याप्त बताया है।
मंत्रालय ने केंद्रीय गृहमंत्रालय (एमएचए) से और जानकारी देने को कहा है। इसके बाद एमएचए ने चंडीगढ़ प्रशासन को पत्र लिखकर करीब 15 बिंदुओं पर नई जानकारी मांगी है। इसके बाद प्रशासक के सलाहकार विजय कुमार देव के निर्देश पर आर्किटेक्चर विभाग अन्य विभागों से जानकारियां जुटा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा ट्रैफिक, बाहरी राज्यों से आकर बसने वाले लोगों का डाटा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से जानकारी मांगी गई है। इसमें पंचकूला, मोहाली, जीरकपुर का डाटा भी शामिल करने को कहा गया है।
स्मार्ट सिटी के लिए भी तैयारी
मास्टर प्लान-2031 के साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की तैयारियों में जुट गया है। दिल्ली में जल्द ही शहरी विकास मंत्रालय की ओर से स्मार्ट सिटी के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
प्रशासन के अधिकारी आवेदन के लिए जरूरी योग्यताओं को पूरा करने में लगे हुए हैं। इस मामले को लेकर अधिकारियों की कमेटी भी गठित भी की गई है।
चंडीगढ़ के मास्टर प्लान संबंधी एमएचए की ओर से करीब 15-16 प्वाइंट पर एडिशनल जानकारी मांगी गई है। सभी विभागों को इस संबंध में सूचित किया जा चुका है। मास्टर प्लान में किसी बड़े बदलाव के बारे में एमएचए ने चिट्ठी में टिप्पणी नहीं की है।
-कपिल सेतिया, चीफ आर्किटेक्ट