यूटी के प्रशासक शिवराज पाटिल के व्यस्त होने के कारण कल लगने वाले जन सुनवाई सत्र को एक बार फिर रद्द कर दिया गया है। कल पाटिल किसी जरूरी बैठक में व्यस्त हैं। इसलिए सत्र नहीं होगा। नवंबर के पहले और तीसरे सोमवार को भी जन सुनवाई सत्र रद्द किए गए थे।
ऐसे में पाटिल के सामने अपनी शिकायतों को रखने के लिए दस शिकायतकर्ताओं को कुछ दिन और इंतजार करना होगा। इससे पहले पाटिल का जन सुनवाई सत्र 21 अक्तूबर को हुआ था। इसमें आठ लोगों की शिकायतें पहुंची थीं।
अब अगर 16 दिसंबर को जन सुनवाई सत्र होता है तो लगभग दो माह बाद लोगों को अपनी शिकायतों को पाटिल के सामने रखने का मौका मिलेगा। इन दो महीनों में लगभग 15 लोगों की शिकायतें पहुंची हैं। इनमें से 10 लोगों की शिकायतों को पाटिल के समक्ष रखने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।
पाटिल के जन सुनवाई सत्र में आने वाले शिकायतकर्ताओं की संख्या में पहले गिरावट आ रही थी। पिछले तीन महीने से शिकायत कर्ताओं की संख्या बढ़ने लगी है।
इसकी वजह जन सुनवाई सत्र के मिनट्स रिकॉर्ड होने और एक्शन टेकन रिपोर्ट बननी शुरू होना है। इसके आदेश पाटिल ने दिए हैं। पहले ऐसा नहीं होता था।
पहले जन सुनवाई सत्र में आने वाले लोगों की शिकायतों का निपटारा करने के लिए पाटिल की ओर से दिए गए निर्देश के बाद भी उनका समाधान नहीं होता था।
पाटिल ने अब खुद पिछले सत्र की एक्शन टेकन रिपोर्ट देखनी शुरू कर दी है। ध्यान रहे कि हर पहले और तीसरे सोमवार को पाटिल का जन सुनवाई सत्र आयोजित होता है।