सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन सोसाइटी में बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के बाद यूटी प्रशासन ने हरकत में आते हुए स्वयं इसका संचालन करने का निर्णय लिया है।
उपायुक्त मोहम्मद शाईन ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए। अभी तक इसका संचालन एक एनजीओ कर रहा था। गौरतलब है कि सोसाइटी में प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सही प्रकार से पालन नहीं हो रहा था।
इसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। गौरतलब है कि प्रशासन ने सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे, मॉनीटरिंग कमेटी को एक माह में दो बार दौरा करने और बाल निकेतन में सिर्फ महिला कर्मचारी को ही नियुक्त करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसमें से किसी भी निर्देश का पालन नही किया गया।
अगर सोसाइटी को संचालित करने वाले एनजीओ ने ऐसा किया होता तो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न नहीं हुआ होता। निर्देश के बाद भी मनीष कुमार को सुपरवाइजर नियुक्त किया गया।
पांच साल पहले महिला से हुआ था दुराचार
शहर में पांच साल पहले सेक्टर-26 स्थित नारी निकेतन में एक महिला के साथ दुराचार हुआ था। इस मामले में नौ आरोपियों को 10 साल के लिए जेल भेजा गया था।
लगभग चार साल पहले स्नेहालय में रहने वाली 14 साल की एक बच्ची के गर्भवती होने का पता चला था। स्नेहालय में गड़बड़ी को लेकर हाईकोर्ट में दायर जन हित याचिका के बाद ही हाईकोर्ट से मिले निर्देशों पर दो सदस्यीय कमेटी बनी थी। इसने बाद में कई सिफारिशें की थीं।