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चंडीगढ़ में बढ़ा प्रदूषण तो थमेंगे वाहनों के पहिए, प्रशासन लेगा बड़ा फैसला, रिपोर्ट का इंतजार

Thu, 09 May 2019 11:52 AM IST
खुशबू गोयल अनुभव अवस्थी/अमर उजाला, चंडीगढ़
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air pollution - फोटो : PTI
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चंडीगढ़ में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रशासन जल्द ही सख्त रवैया अख्तियार करने जा रहा है। यहां प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (गैप) लागू होगा। यूटी प्रशासन ने ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है, जिसे एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रशासन को देनी है। रिपोर्ट आते ही प्रशासन चंडीगढ़ के वाहनों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा फैसला लेगा। शहर की करीब 12 लाख आबादी के पास 10 लाख 50 हजार से अधिक वाहन हैं।
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इन वाहनों से निकलने वाले धुएं से चंडीगढ़ का दम घुटने लगा है। साल-दर-साल बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम केलिए यूटी प्रशासन अब नींद से जागा है। दरअसल, शहर में बढ़ती जनसंख्या और कार के शौकीन लोगों के चलते यहां का पर्यावरण बेहद प्रभावित हो रहा है। यह बात एक शोध में सामने आई है। स्टडी में पता चला है कि सिटी में वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या और इससे निकलने वाले धुएं से निरंतर प्रदूषण बढ़ रहा है। अगर इस पर कंट्रोल नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थितियां चौंकाने वाली हो सकती हैं।

देश की राजधानी से भी बदतर हालात यहां के होने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने शहर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू करने का फैसला लिया है। यह प्लान कैसे और किस आधार पर लागू किया जाएगा, इसके लिए यूटी प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी को ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी डॉ. अजय सिंगला लीड करेंगे, जबकि इसमें निदेशक वन एवं पर्यावरण देवेंद्र दलाई को भी शामिल किया गया है।
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कारों के मामले में देश में चंडीगढ़ है नंबर वन

पूरे देश में ‘पर कैपिटा’ कारों के मामले में चंडीगढ़ नंबर वन बन चुका है। यहां ‘पर कैपिटा’ कारों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा वाहनों के घनत्व के मामले में भी चंडीगढ़ पहले नंबर पर है। इन कारों से निकलने वाले धुएं के चलते यहां पर वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। अब प्रशासन को इस समस्या से निपटना बेहद जरूरी है।
 
10 साल में बढ़े 60 फीसदी वाहन
सिटी में वायु प्रदूषण की प्रमुख वजह वाहनों की बढ़ती संख्या है। अगर बीते 10 साल की बात करें तो शहर में वाहनों की संख्या 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है। शहर की सड़कों की लंबाई और चौड़ाई जस की तस है। इसके अलावा अगर कारों की बात करें तो बीते एक दशक में इनकी संख्या में सौ फीसदी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही टू व्हीलर्स लगभग 50 प्रतिशत बढ़े हैं।

ऐसे लागू होगा सिस्टम
प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स सिस्टम लागू होगा। इससे प्रशासन को उम्मीद है कि हालात में सुधार होगा। इस सिस्टम के तहत प्रदूषण बढ़ते ही निजी वाहनों को सड़क पर उतरने से रोक दिया जाएगा और सिर्फ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का ही उपयोग होगा। इसको इस तरह से भी कहा जा सकता है कि आने वाले समय में यहां पर भी दिल्ली की तरह सम-विषम (ऑड-इवन) व्यवस्था लागू की जाएगी।

यहां सफल होगा प्रयोग
बता दें कि दिल्ली में सम-विषम व्यवस्था लागू हो चुकी है। यह व्यवस्था दिल्ली में कामयाब नहीं रही है, लेकिन जानकारों की मानें तो चंडीगढ़ में अभी आबादी के हिसाब से ऑड-इवन सिस्टम प्रदूषण की रोकथाम के लिए कारगर साबित होगा। इसे देखते हुए यूटी प्रशासन लागू करने की योजना बना रहा है।
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इन पर लगेगी पाबंदी

- डीजल जनरेटर बंद होंगे।
- सभी प्रकार के कंस्ट्रक्शन के कार्यों पर रोक रहेगी।
- हॉट मिक्सिंग प्लांट, ब्रिक कशर पर रोक रहेगी।
- प्राइवेट वाहनों पर रोक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ेगा।
- खुले में कूड़ा कचरा डालने पर पाबंदी होगी।
- कोयले की भठ्ठी जलाने पर लगेगा प्रतिबंध।
- दीवाली सहित अन्य पर्वों पर पटाखे छोड़ने का समय होगा निर्धारित।
- बाहरी वाहनों के शहर में इंट्री पर रहेगा प्रतिबंध

वाहनों की निरंतर बढ़ रही संख्या से शहर में प्रदूषण की समस्या गहराती जा रही है। इससे निपटने के लिए शहर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू किया जाएगा। सिस्टम को कैसे लागू किया जाए, इसके  अध्ययन के  लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई है, जिसे एक माह में अपनी रिपोर्ट देनी है।
- मनोज परिदा, एडवाइजर, यूटी प्रशासन
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