आम बजट से यूटी प्रशासन को निराशा हाथ लगी। प्रशासन ने जितना बजट वित्त मंत्रालय से मांगा था उसका महज 33 फीसदी ही मिल पाया है।
वित्त मंत्रालय ने पिछले साल के मुकाबले इस साल प्लान हेड बजट में 160 करोड़ रुपये कम दिए हैं। प्रशासन ने मंत्रालय से प्लान हेड में 2 हजार 95 करोड़ की मांग की थी। जबकि मिला सिर्फ 700 करोड़ रुपये। वहीं नॉन प्लान हेड में 3 हजार 394 करोड़ रुपये मांगे गए थे लेकिन इसमें प्रशासन को मंत्रालय ने 3 हजार 237 करोड़ रुपये ही दिए हैं।
पिछले साल प्रशासन को प्लान हेड के तहत 860 करोड़ रुपये का बजट मिला था। जो इस बार के बजट से 160 करोड़ अधिक है। हालांकि बाद में बजट कम खर्च करने पर केंद्र सरकार ने करीब 226 करोड़ रुपये काट लिए थे।
जिसके बाद प्रशासन का 2015-16 का बजट 634 करोड़ रुपये रह गया था। वित्त मंत्रालय ने 634 करोड़ के बजट खर्च को ही आधार बनाते हुए इस साल कुछ बढ़ोतरी इसमें कर दी। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि खर्च के आधार पर ही इस बार बजट मिला है।