नाभा के गांव मंडोर में बुधवार को पंचायत जमीन की बोली को लेकर हुए हंगामे के बीच कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थरों व लाठियों से हमला कर दिया। इस दौरान रोहटी पुलिस चौकी के प्रभारी और एक महिला कांस्टेबल को चोट आई है। उन्हें नाभा के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
डीएसपी नाभा दविंदर सिंह अत्री ने कहा कि पंचायत सेक्रेटरी के बयान पर पुलिस मुलाजिमों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। उधर, जमीन प्राप्ति संघर्ष कमेटी के जोनल उपप्रधान गुरविंदर बौड़ां ने आरोप लगाया है कि प्रशासन, गांव के सरपंच व कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा एससी कोटे की पंचायत जमीन की डमी बोली कराने की कोशिश की जा रही थी।
मजबूरीवश एससी भाईचारे के लोगों को इकट्ठे होकर इन मंसूबों को रोकना पड़ा। विरोध करने पर प्रशासन की ओर से एससी भाईचारे पर लाठियां बरसाई गईं। इसमें कुछ महिलाओं को भी चोट आई है।
पंचायत सेक्रेटरी हरप्रीत सिंह ने बताया कि गांव में पंचायत जमीन की सामान्य श्रेणी व एससी श्रेणी के लिए अलग-अलग बोलियां थीं। एससी भाईचारे की मांग थी कि बोली पिछली बार के मुकाबले कम पर की जाए। लगातार तीन बोलियों के रद्द होने के बाद बुधवार को बोली पूरी हुई लेकिन एससी भाईचारे के कुछ लोगों ने गांव के अन्य लोगों के साथ मिलकर इस बोली का विरोध करना शुरू कर दिया।
डीएसपी अत्री ने बताया कि इन्हें समझाने की काफी कोशिश की लेकिन जब यह नहीं माने तो इन पर हल्के पुलिस बल का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद इन लोगों ने पुलिस पर पत्थरों व लाठियों से हमला कर दिया। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मौके पर मौजूद रहे पंचायत सेक्रेटरी के बयान पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।