पंजाब सरकार में खनन मंत्री हरजोत बैंस के गृह विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कथित अवैध खनन को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। श्री आनंदपुर साहिब के साथ लगते भलान गांव में स्वां नदी के किनारे डी-सिल्टिंग के नाम पर करीब 35 फुट तक गहरी खुदाई कर दी गई है। इसकी वजह से यहां अगले बारिश के सीजन में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। साथ ही भूमिगत जल का स्तर भी बिगड़ने की आशंका है।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखपाल सिंह खैरा ने गुरुवार को अपने ट्विटर हैंडल पर यहां बड़े पैमाने पर हो रहे खनन का वीडियो साझा करते हुए खनन मंत्री और मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है तो इतने बड़े पैमाने पर किसकी इजाजत से मशीनों द्वारा खनन को अंजाम दिया जा रहा है।
उन्होंने पंजाब सरकार पर खनन को शह देने का आरोप लगाया है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने मौके पर पहुंचकर खनन को रुकवाया और काफी देर तक हंगामा भी किया। इसके बाद स्थानीय पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थानीय पुलिस अधिकारी दानिश वीर सिंह का कहना है कि पुलिस प्रशासन यह पता लगा रहा है कि यहां हो रही खनन गतिविधि वैध है या अवैध। अगर इसमें कुछ गलत पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल वायरल वीडियो में खनन साइट पर लगभग एक दर्जन जेसीबी मशीन और करीब डेढ़ सौ टिपर खनन गतिविधि में शामिल पाए गए हैं। गौर हो कि नदियों में सिल्ट बढ़ने पर उसके निकालने के लिए नियमानुसार डी-सिल्टिंग की जाती है, जिसके तहत जमीन से पानी निकलने तक खनन की अनुमति होती है लेकिन यहां डी-सिल्टिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर खनन हो रहा है और 25 से 35 फुट की गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जा रही है।
कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। वहीं, खनन मंत्री हरजोत बैंस से उनके नंबर पर संपर्क किया गया तो उनके सचिव ने बात करवाने का आश्वासन दिया लेकिन मंत्री फोन पर नहीं आए।