पटाखा एसोसिएशन लुधियाना के प्रधान अशोक थापर का कहना है कि प्रतिबंध के कारण इस बार पटाखों के उत्पादन में 60 फीसदी तक की कमी आई है और दाम 30 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसकी वजह से इस बार आधा ही स्टॉक मंगवाया गया है। इस कारोबार से प्रदेश में हजारों परिवार जुड़े हैं। प्रतिबंध से कारोबार को हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इन परिवारों का जीवन-यापन चल सके।
20 फीसदी ही मिल रहे लाइसेंस
पटाखों के कारोबार पर हर साल प्रतिबंध के चलते राज्य सरकार ने भी इसके लिए गोदाम के लाइसेंस देने कम कर दिए हैं। पहले जितने लाइसेंस इसके लिए जारी होते थे, उसके 20 फीसदी ही लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। इसकी वजह से भी पटाखों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं, सरकार की ओर से पटाखों पर 18 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान रखा गया है।
चंडीगढ़ में केवल सर्टिफाइड पटाखे फोड़ने की अनुमति
केंद्र शासित चंडीगढ़ में इस बार केवल सर्टिफाइड पटाखे फोड़ने की अनुमति है। एनजीटी और चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार शहर में केवल सीएसआईआर और एनईईआरआई से सत्यापित ग्रीन क्रैसर्स को ही बेचने की मंजूरी होगी। चंडीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट विनय प्रताप सिंह ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के थाना प्रभारियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों के उल्लंघन पर संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।