यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को मोहाली के एक रसूखदार बिल्डर से डेढ़ साल पहले 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में जिला पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। अंसारी फिलहाल रोपड़ जेल में है और डेढ़ साल बाद भी मोहाली पुलिस के हाथ खाली हैं।
अंसारी पर मोहाली के सेक्टर-70 के एक बिल्डर से फोन कॉल कर 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। इस बाहुबली पर जिस बिल्डर को धमकाने का आरोप है, वह काफी हाईप्रोफाइल है। इस बिल्डर के पंजाब और हिमाचल सहित दिल्ली और राजस्थान में भी कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। उसकी शिकायत पर मोहाली के थाना मटौर में अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हालांकि अंसारी ने रंगदारी मांगने के आरोप से इंकार किया था।
पिछले साल की शुरुआत में मोहाली पुलिस यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को बांदा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। अंसारी को 24 जनवरी, 2019 को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था। वहां से उसे रोपड़ जेल भेज दिया गया था। तब से अंसारी मेडिकल ग्राउंड पर रोपड़ जेल में डेरा जमाए है। अंसारी को यूपी वापस ले जाने के लिए वहां की पुलिस हाथ पैर मार रही है लेकिन रोपड़ जेल के मेडिकल बोर्ड ने उसे डिप्रेशन का शिकार बताते हुए आराम करने की सलाह दी है।
वहीं आनन-फानन में मुख्तार को मोहाली लाने और डेढ़ साल से ज्यादा रोपड़ जेल में बंद होने से पंजाब पुलिस की कवायद पर भी सवाल उठने लगे हैं। रंगदारी मांगने के मामलों में पहले वायस सैंपल को मैच किया जाता है लेकिन अंसारी के मामले में ऐसा नहीं हुआ। उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद उसका वायस सैंपल लिया गया था। डेढ़ साल बाद भी इसकी रिपोर्ट लंबित है।
सूत्रों के अनुसार, यूपी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पंजाब जेल यात्रा से यूपी पुलिस परेशान है। अब यूपी एसटीएफ बिना साक्ष्य के अंसारी को पंजाब ले जाने की वजह तलाशने के साथ उसकी वापसी के उपाय खंगालने में जुटी है।
रोपड़ जेल में डाक्टरी सलाह पर बेड रेस्ट कर रहा बाहुबली मुख्तार अंसारी यूपी की मऊ सदर सीट से बसपा का विधायक है। मोहाली के रसूखदार बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोप में जिस तरह पंजाब पुलिस यूपी की बांदा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर मोहाली लाई थी, उस पर तमाम सवाल हैं। फोन पर दी गई धमकी के मामले में पुलिस पहले आवाज का नमूना (वॉयस सैंपल) मिलाती है, फिर आगे की कार्रवाई शुरू करती है।
पहले से ही देश की एक जेल में बंद आरोपी का वॉयस सैंपल लेना पुलिस के लिए मुश्किल नहीं था, लेकिन पंजाब पुलिस ने अंसारी को मोहाली लाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। पुलिस की यही शैली उसे सवालों के घेरे में खड़ा करती है। उस पर रंगदारी के साधारण मामले में डेढ़ साल से मोहाली पुलिस के हाथ खाली हैं। आवाज के नमूने की रिपोर्ट भी अभी तक सामने नहीं आई है। यूपी पुलिस मुख्तार अंसारी को एकाएक पंजाब लाने के पीछे सोची समझी रणनीति मान रही है। मुख्तार अंसारी के पंजाब व हरियाणा में अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के बारे में यूपी एसटीएफ के अफसर अधिक जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।