शहर में बिना लाइसेंस के कारोबार करने वाले वेंडर्स पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। एक अप्रैल से नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ता यह जुर्माना वसूल करेगा। अभी शहर के प्रमुख बाजार सेक्टर-17, 22, 19 और 35 में नगर निगम ने वेंडर्स को 31 मार्च तक लाइसेंस दिए जाते हैं। कंपनी की ओर से सर्वे किए गए वेंडर्स को यह लाइसेंस दिए जाएंगे। इन चारों बाजारों में नगर निगम ने वेडिंग जोन भी तय कर दिए हैं। यह जोन मंजूरी के लिए प्रशासन के वास्तुकार विभाग के पास भेजे गए हैं। स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत फड़ी वाले लोगों को नगर निगम की ओर से तय जगह पर काम करना होगा। हर वेंडर को 5 फुट चौड़ी और 7 फुट लंबी जगह अलाट की जाएगी।
कितने वेंडर हैं प्रमुख बाजारों में
कंपनी की ओर से किए गए सर्वे में सेक्टर-17 में 1074, सेक्टर-22 में 1813 वेंडर्स के नाम सामने आए हैं, जबकि सेक्टर-19 में 624 और 35 में 245 वेंडर्स है। जिन्हें 31 मार्च तक लाइसेंस दिए जाएंगे। अभी इन वेंडर्स को अस्थायी तौर पर लाइसेंस दिए जाएंगे। वेडिंग जोन तय होने के बाद अगर जगह तंग होती है तो ड्रा के माध्यम से वेंडर्स को जगह अलाट की जाएगी। इन सभी बाजारों को नगर निगम ने ए कैटेगरी में शामिल किया है। इनकी मासिक लाइसेंस फीस नगर निगम ने 5 हजार रुपये प्रति वेंडर तय की थी, लेकिन मेयर आशा जसवाल के हस्तक्षेप के बाद अब लाइसेंस फीस तीन हजार रुपये तय की गई है।