माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी को पंजाब सरकार से करीब 213 करोड़ रुपये की बकाया राशि मिलने का इंतजार है। इस बीच यूनिवर्सिटी ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए राज्य सरकार से 107.78 करोड़ रुपये की ग्रांट मांगी है। बकाया राशि नहीं मिलने से पेंशन, हॉस्टल निर्माण और स्कॉलरशिप से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं। पीयू के बोर्ड ऑफ फाइनेंस की 22 अक्तूबर को हुई बैठक में 2027-28 के लिए 942.21 करोड़ रुपये के बजट पर चर्चा हुई। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में पंजाब सरकार से 102.59 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलनी है।
इसमें से अगस्त 2026 तक केवल 31.67 करोड़ रुपये ही मिले हैं। पीयू ने पेंशन संशोधन के बकाया भुगतान के लिए 128.95 करोड़ रुपये की एकमुश्त ग्रांट मांगी है। इससे करीब 2100 सेवानिवृत्त शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। हॉस्टल निर्माण के लिए मंजूर 48.92 करोड़ रुपये में से 43.92 करोड़ रुपये अभी बाकी हैं। यह राशि अगस्त 2023 में मंजूर हुई थी। इससे नया ब्वॉयज हॉस्टल नंबर-9 बनना था और गर्ल्स हॉस्टल नंबर-11 में अतिरिक्त मंजिलें बनाई जानी थीं।
पैसे नहीं मिलने से निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके अलावा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत भी पंजाब सरकार से पीयू को करीब 40 करोड़ रुपये मिलने बाकी हैं। इससे यूनिवर्सिटी पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।