दुनिया में सबसे खराब स्वास्थ्य सेवाओं व मूलभूत सुविधाओं वाला गरीब देश साउथ सूडान में इंडियन आर्मी को एक और टास्क सौंपा गया है। ये जिम्मेदारी सेना को यूएन मिशन के तहत दी गई है। जिसके चलते सेना को साउथ सूडान में जहां स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है, वहीं कई इलाकों में सड़कों का निर्माण करते हुए मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम करने में मदद करना है।
उल्लेखनीय है कि यूएन मेनडेट के अंतर्गत भारतीय सेना इस देश में कई तरह के काम संभाल रही है। सेना ने अगले टास्क के चलते अब साउथ सूडान के बेनटियू कोच क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में सहयोग की कमान संभाली है। सेना इस इलाके में जहां सड़कों का निर्माण व मरम्मत करवा रही है, वहीं लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करवा रही है।
इसके अलावा भी स्थानीय प्रशासन से तालमेल कर संबंधित क्षेत्र में और किन मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है, सेना ये भी जानकर उन सुविधाओं को अपने स्तर पर लोगों को उपलब्ध करवाने की कोशिशों में जुटी हुई है। इतना ही नहीं इंडियन आर्मी यहां स्थानीय लोगों को जागरूक भी कर रही है, ताकि लोगों के जीवन स्तर कुछ हद तक सुधर सके।
इसलिए साउथ सूडान में मदद कर रही सेना
उल्लेखनीय है कि साउथ सूडान पहले ब्रिटिश और मिस्त्र की एंग्लो-इजिप्श्यिन सहाधिकार का हिस्सा था। लंबे समय तक सूडान गृहयुद्ध भी झेलता रहा। जुलाई 2011 में साउथ सूडान पहले एक स्वतंत्र राज्य बना। उसके बाद इसी साल साउथ सूडान को संयुक्त राष्ट्र ने अपना सदस्य देश बना लिया। इसी दौरान ये देश अफ्रीकी संघ में भी शामिल हो गया।
लंबे समय तक गृहयुद्ध की गिरफ्त में रहा ये देश आज दुनिया के सबसे खराब स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं वाला देश माना जाने लगा। इसी के चलते संयुक्त राष्ट्र इस देश के लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न अभियान चलाए हुए हैं और इन्हीं अभियानों के तहत इंडियन आर्मी को भी कई जिम्मेदारियां सौंपी गई है।
सेना की कई बटालियन कर रही मदद
संयुक्त राष्ट्र के मिशनों के तहत सेना की कई बटालियन व कंपनियां साउथ सूडान में स्थानीय लोगों व प्रशासन की मदद में जुटी हुई है। साउथ सूडान के अलग-अलग इलाकों में सेना की दो बटालियन में जहां 73 अफसर, 113 जेसीओ व 1514 अन्य रैंक के सैन्य जवान तैनात है।
वहीं सेना की कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग कंपनी के भी 275 अफसर, जेसीओ व अन्य रैंक के सैन्य कर्मियों ने मोर्चा संभाल रखा है। इसी तरह स्वास्थ्य, सिगनल समेत अन्य कंपनियों के भी 230 अफसर, जेसीओ व जवान साउथ सूडान में अपनी जिम्मेदारियां संभाले हैं।