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लोहड़ी के दिन बेटे ने जन्म लिया तो नाम रख दिया 'लोहड़ी सिंह'

Mon, 15 Jan 2018 10:14 AM IST
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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लोहड़ी के दिन बेटे ने लिया जन्म - फोटो : अमर उजाला
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लोहड़ी के दिन जन्म लेने वाले बच्चे का नाम लोहड़ी सिंह रख दिया। परिवार के लोग खुश हैं कि उन्हें रब ने लोहड़ी दी है। कोटलीन नसीर खां, तरतारन की रहने वाली सुखप्रीत कौर ने शनिवार को बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म व लोहड़ी की खुशी इतनी थी कि जन्म लेने वाले बच्चे की नानी कश्मीर कौर ने उस का नाम ही लोहड़ी सिंह रख दिया। फरवरी 2017 में जसबीर सिंह की शादी सुखप्रीत कौर से हुई थी। लोहड़ी के दिन रब ने उन्हें बेटा दिया तो उनके परिवार में खुशियां दौड़ गई।
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लोहड़ी सिंह की बुआ सरबजीत कौर कहती हैं कि उन्हें बहुत खुशी है कि आज वह मायके में लोहड़ी मनाने आई थी और रब ने शगुन में भतीजा दे दिया। लोहड़ी सिंह के ताया सुखविंदर सिंह व फूफा नरिंदर सिंह ने जहां अस्पताल के स्टाफ को लोहड़ी के दिन लड्डू बांटे। वहीं नाना रंजीत सिंह ने कहा कि वह लोहड़ी के दिन नाती के पैदा होने पर श्री अखंड पाठ कराएंगे।

सुखविंदर कौर ने पोता होने की खुशी में बांटे लड्डू
 सुबह साढ़े दस बजे जन्म लेने वाले पोते को गोद में उठाए पाक से सटे गांव लोपोके के गांव शहीदां भगवां की रहने वाली सुखविंदर कौर की खुशी देखते ही बनती थी। पोते का लोहड़ी के दिन जन्म लेने पर सुखविंदर कौर ने सिविल अस्पताल में अपने हाथों से बनाए देसी घी के लड्डू (तिल, गुड़ व ड्राईफ्रूट युक्त) बांटे। कहती हैं कि बड़े मन्नत के बाद वाहेगुरु जी ने लोहड़ी के दिन पोता दिया है। उन्होंने तो पोते का नाम अरदास सिंह रख दिया है। सुखविंदर कौर के साथ-साथ जन्म लेने वाले शिशु की नानी सविंदर कौर व मामी अमृतपाल कौर की खुशी भी चेहरे से साफ झलक रही थी। तीन साल की हरगुन को भले ही नहीं पता था कि लोहड़ी क्या होती है। लेकिन वह जन्म लेने वाले भाई को निहार रही थी।
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सिविल अस्पताल में जन्मे तीन बच्चे

लोहड़ी के दिन बेटे ने लिया जन्म - फोटो : अमर उजाला
सुखविंदर कौर बताती हैं कि बेटे झिलमिल सिंह की शादी चार साल पहले हुई थी। पहली संतान बेटी हरगुन है। झिलमिल सिंह खेतीबाड़ी करता है। जबकि बेटे को जन्म देने वाली बहू गृहिणी है। बहू का नाम भी सुखविंदर कौर है।

सुखविंदर कौर हंसते हुए कहती है कि ऊपर वाले ने बहू भी मेरे नाम की दी और लोहड़ी के दिन सुंदर पोता भी दिया। कहती है कि जैसे ही अस्पताल से छुट्टी मिलेगी सबसे पहले पोते को श्री दरबार साहिब में माथा टेक शुकराना करके घर जाऊंगी। वहीं जन्म देने वाली मां के चेहरे पर भी खुशी साफ झलक रही थी। बोली कि वाहेगुरु जी ने मुझे लोहड़ी दी है।

सिविल अस्पताल में जन्मे तीन बच्चे
सिविल अस्पताल में शनिवार को तीन बच्चों का जन्म हुआ। तीनों लड़के हैं। दो तो अस्पताल में थे लेकिन तीसरे को गुरुनानक देव अस्पताल में रेफर किया गया था, उसका वजन कम था और सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। ऐसे में तीसरा बच्चा आईसीयू में भर्ती किया गया है। लोहड़ी का दिन सबसे शुभ माना जाता है। पंजाब की लोहड़ी विश्व भर में मशहूर है। लोहड़ी के दिन हर घर में खुशियां बांटी जाती हैं। लोग लोहड़ी के तौर पर मिठाई, मूंगफली, रेवड़ी, गचक, खजूर से लेकर उपहार बांटते हैं। इस दिन पंजाब के हर घर में शगुन के गीत गाए जाते हैं। ऐसे में जिन परिवारों में नया मेहमान लोहड़ी के दिन आया है, उस परिवार में खुशियां और बढ़ गई हैं।

 
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