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धवन-जैन-टंडन... एक बार फिर 3 ग्रुप में बंटी चंडीगढ़ भाजपा, कई बगावत पर उतरे

Mon, 15 Jan 2018 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Chandigarh BJP - फोटो : File Photo
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मेयर चुनाव के बाद भी भाजपा में बवाल थमा नहीं है। सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और हरमोहन धवन गुट ने भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन ने कहा कि टंडन ने हाल ही में कहा है कि उन्हें (धवन) राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निष्कासित कर दिया गया है, जो कि सरासर झूठ है। टंडन को इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए। वह तीन साल से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं और उन्हें हर बैठक के लिए निमंत्रण आता है।
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धवन ने कहा कि टंडन जी आप चाहें तो पार्टी से निकलवा सकते हैं, आपकी राष्ट्रीय नेताओं में मजबूत पकड़ है। धवन ने दावा किया कि उनकी पहचान जनता से है न कि पार्टी या किसी पद से। वह बताना चाहते हैं कि 25 सितंबर 2017 को कार्यकारिणी की अंतिम बैठक हुई थी। इसके निमंत्रण की प्रति अभी भी उनके पास है। टंडन राष्ट्रीय कार्यालय से इसकी पुष्टि भी करवा सकते हैं।

आपके पास नहीं है अधिकार
धवन ने प्रेस बयान में कहा है कि पिछले एक साल से आप (टंडन) ने एक भी कार्यक्रम और कोर ग्रुप की बैठक में नहीं बुलाया है क्योंकि यह टंडन के अधिकार क्षेत्र में आता है। धवन ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के पास है न कि टंडन के पास। धवन ने संजय टंडन को कहा कि झूठ बोलने की कोई सीमा होती है पर आपने तो सारी हदें ही पार कर दीं। उधर, भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि वह धवन के आरोपों पर कोई भी कमेंट नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कभी भी नहीं कहा है कि धवन को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाल दिया गया है क्योंकि कार्यकारिणी से निकालने का अधिकार उनके पास नहीं है।
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कोई शिकायत पत्र हाईकमान को नहीं लिखा : टंडन 

- फोटो : File Photo
हाईकमान है नाराज
मेयर का उम्मीदवार तय करने से उठे बवाल और मोदगिल के चुनाव जीतने के बाद भी भाजपा में खींचतान जारी है। इससे भाजपा हाईकमान स्थानीय भाजपा इकाई से नाराज है। पार्टी प्रभारी प्रभात झा ने पूरी रिपोर्ट संगठन मंत्री रामलाल को दे दी है। आशा जसवाल सहित 11 पार्षद शुक्रवार को जैन गुट के खिलाफ संगठन मंत्री दिनेश कुमार को भी मिले। इन पार्षदों ने संगठन मंत्री को बताया कि उनके किसी भी पार्षद ने क्रॉस वोटिंग नहीं की। उन पर जैन गुट की ओर से आरोप लग रहे हैं। टंडन गुट के पार्षदों ने संगठन मंत्री से यह भी कहा कि वह मेयर देवेश मोदगिल की ओर से आयोजित लोहड़ी के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गए थे, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं दिया गया और न ही बैठने के लिए उचित सीटें दी गईं।

कोई शिकायत पत्र हाईकमान को नहीं लिखा : टंडन 
भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन का कहना है कि मेयर चुनाव के उम्मीदवार की घोषणा के बाद जो कुछ हुआ, उन्होंने शांत करवाया। यह पार्टी के सभी नेता जानते हैं। पार्टी हाईकमान ने इसके लिए उन्हें बधाई भी दी है। आशा जसवाल का नामांकन वापस करवाकर उन्होंने साल 1999 में हुए इतिहास को दोहराने से बचाया है। उस समय जो गुटबाजी उभरी, उसकी वजह से पार्टी 14 साल तक नगर निगम की सत्ता से दूर रही। उन्होंने इस समय पार्टी को बिखरने से बचाया है और हाईकमान को पूरे मामले की जानकारी है।

पार्टी के सभी पार्षदों को एकजुट किया है। मेयर चुनाव के बाद जो कुछ भी हुआ, उन्होंने किसी पर भी कोई आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र नहीं लिखा है। मालूम हो कि साल 1999 में केवल कृष्ण आदीवाल ने पार्टी से बगावत कर मेयर का चुनाव लड़ा और वह चुनाव जीत भी गए थे, जबकि भाजपा ने अधिकृत उम्मीदवार राजेंद्र को बनाया था। 

जैन को कोर ग्रुप से बाहर निकालना चाहता है टंडन गुट
टंडन गुट पूर्व सांसद सत्यपाल जैन को कोर ग्रुप से बाहर करना चाहता है। पूर्व मेयर आशा जसवाल ने यह मांग मेयर चुनाव के उम्मीदवार की घोषणा के बाद संगठन मंत्री से भी की थी। ऐसा कर टंडन गुट जैन को सक्रिय होने से रोकना चाहता है।
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