फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिवाली पर कुछ अलग करना है तो ये आइडिया अपना सकते हैं, मजा आएगा

Tue, 17 Oct 2017 09:05 AM IST
योगेंद्र त्रिपाठी/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
diwali
विज्ञापन
अगर इस बार दिवाली पर कुछ अलग करने की चाहत हैं तो ये आइडिया अपना सकते हैं। सेलिब्रेशन में मजा भी आएगा और खुशियां आएंगी, खुशियां बांटेंगे भी। बचपन से लेकर अब तक दीपावली धूम-धड़ाके से मनाते आए हैं। उपहार देकर तो बड़ों का आशीर्वाद लेकर तो क्यों न इस बार कुछ अनोखी दिवाली मनाई जाए। हमारे आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिन्हें खुशियों का इंतजार रहता है। वे किसी से कुछ नहीं मांगते, लेकिन हम उन्हें थोड़ी सी खुशी दे सकते हैं।
विज्ञापन


इस बार इनके साथ दिवाली मनाकर। अस्पताल, अनाथालय, वृद्धाश्रम, सराय और फुटपाथ किनारे सैकड़ों ऐसे लोग मिल जाएंगे, जिन्हें आपका थोड़ा सा साथ चाहिए। दीपावली पर उन्हें कुछ वक्त दें और मुंह मीठा करवाएं। इतने भर से उनकी दीपावली मन जाएगी। उनकी खुशी से आपको जो सुकून मिलेगा, वह जिंदगी भर के लिए यादगार बन जाएगा। आपके लिए हम कुछ ऐसी जगह ढूढ़कर लाए हैं, जहां ऐसे लोगों के साथ दीपावली मना सकते हैं।

वृद्धाश्रम में बेसहारा बुजुर्गों के साथ मनाइए
1.चंडीगढ़ में तीन मुख्य वृद्धाश्रम हैं। पहला सेक्टर 15 में है, जहां 43 लोग रहते हैं। इसमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। ये सभी गरीब और बेसहारा हैं। कोई 15 साल से रह रहा है तो कोई दस साल से। इनके साथ खुशियां बांटने वाला कोई नहीं है। कुछ अच्छी सी फीलिंग चाहते हैं तो यहां बुजुर्गों के साथ दो पल बिताएं और उन्हें दीपावली का अहसास कराएं।
विज्ञापन

2. दूसरा वृद्धाश्रम सेक्टर 43 में स्थित है। यहां पर भी काफी संख्या में सीनियर सिटीजन हैं। इसमें अधिकतर वे लोग हैं, जिनके अपने जिंदा तो हैं, मगर उनके साथ नहीं रहते।
3. तीसरा वृद्धाश्रम सेक्टर 30 स्थित सत्य साईं बाबा का है। यहां पर कुल 16 सीनियर सिटीजन हैं।
पंचकूला
पंचकूला के सेक्टर 15 में भी ओल्ड एज होम है। यहां भी आप बुजुर्गों के साथ सेलिब्रेट कर सकते हैं। यदि आप यहां मनाना चाहते हैं तो एक दिन पहले ओल्ड एज होम से संपर्क करना पड़ेगा।

अनाथ बच्चों को दें खुशी
अगर आप उन बच्चों के साथ दीपावली की खुशी बांटना चाहते हैं, जिनका इस दुनिया में कोई नहीं है तो ऐसे कई सेंटर हैं, जहां पर ऐसे बच्चों से मिल सकते हैं। सेक्टर 23 ए में मदर टेरेसा मिशन आफ चैरिटी है। यहां पर 110 से ज्यादा लावारिस बच्चे हैं। जिनके लिए न तो कभी दीपावली आती और न ही कोई त्योहार। हमेशा एक जैसे दिन होते हैं।  सेक्टर 55 पलसौरा में गुरु आसरा ट्रस्ट है। यहां पांच साल से 20 साल तक की लड़कियां हैं। यहां भी सभी लावारिस लड़कियां रहती हैं। सेक्टर 15 के सामर्थ्य में 38 मेंटली चैलेंज बच्चे व युवक हैं। सेक्टर 47 में आसरा है। यहां भी करीब 40 मेंटली चैलेंज बच्चे व युवक होंगे।

पीजीआई के सराय व गुरुद्वारा में
पीजीआई की सराय व गुरुद्वारा में सैकड़ों मरीज हैं। जो काफी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्हें दीपावली जैसा त्योहार भी आम दिनों की तरह लगता है। दीपावली के मौके पर उनके साथ भी खुशियां बांटी जा सकती हैं। दोनों ही जगह वे मरीज हैं, जो दूर-दराज इलाकों से आए हैं और बीमार व गरीब होने के कारण अपने घर नहीं जा सकते हैं। पीजीआई का गुरुद्वारा कैंपस के नजदीक है, जबकि सराय पुरानी पीजीआई में स्थित है।

रिक्शा चालक व गरीब बच्चों के साथ मनाएं
चंडीगढ़ के पेरीफेरी में कई बस्तियां हैं। इन बस्तियों में जाकर भी बच्चों के साथ दीपावली सेलिब्रेट कर सकते हैं। इसके अलावा राह चलते आपको यदि कोई रिक्शा चालक मिल जाए या लाइट प्वाइंट पर कोई सामान बेचता। उसका भी मुंह मीठा करवाकर दीपावली की खुशी बांट सकते हैं। कई बच्चे व लोग आपको अपने आसपास भी मिल जाएंगे। उनके साथ भी इस बार त्योहार को कुछ अलग तरह से मनाएं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें