नौ वर्षीय अन्नया बंसल दूसरे बच्चों से कुछ हटकर है। आंखों पर काली व कोई भी रंग की पट्टी बांधकर पढ़ाई करने के साथ टीवी देखना, मोबाइल चलाना सहित पूरी दिनचर्या के कार्य करना नौ साल की अन्नया बंसल के लिए एक मामूली सी बात है।
इस दौरान अन्नया से कोई गलती भी न ही होती है। अब आलम यह बना हुआ है कि अन्यया की कला को देखने के लिए उसके घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ी रहती है।
शहर की पुरानी सब्जी मंडी में रमन बंसल के घर पैदा हुई अन्नया आज अपने हैरतअंगेज कारनामों के कारण अपने अभिभावकों के साथ लोगों की आंखों का तारा बनी हुई है।