प्रेसवार्ता करते हुए केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश।
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कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब समेत कई राज्यों में चल रहे किसानों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री और होशियारपुर से सांसद सोमप्रकाश ने कहा कि अकाली दल आखिर तक इस कानून का समर्थन करता रहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, सुखबीर सिंह बादल ने भी इस कानून का समर्थन किया था। यहां तक कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी इस कानून के पक्ष में थे और उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले पर संतुष्टि जताई थी।
अब पता नहीं क्या हो गया कि अकाली दल इससे अलग होकर विरोध पर उतर आया। उन्होंने कहा कि अकाली दल के अलग होने का दुख उन्हें भी है। अकाली दल अपनी सियासी मजबूरी के कारण इस कानून का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक बात कांग्रेस की है तो मनमोहन सरकार भी यह कानून लाई थी लेकिन वह कानून पास नहीं हो पाया। उस समय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे काफी अच्छा कहा था और अब ट्रैक्टर पर सवार होकर राजनीति के लिए सड़कों पर उतर गए हैं।
केंद्रीय मंत्री सोमप्रकाश ने कहा कि किसानों में कानून को लेकर आशंकाएं हैं तो खुलकर बात करें। उनसे बातचीत के सभी विकल्प खुले हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से राहुल गांधी ने खुद इस कानून को घोषणापत्र में रखा था। प्रधानमंत्री से लेकर हर मंत्री और सांसद बोल रहे हैं कि किसी भी सूरत में एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) व मंडी व्यवस्था खत्म नहीं होगी।
यह कानून किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए लाया गया है। किसान खुद खुले बाजार की बात करते थे, इसलिए यह कानून लाया गया। सियासी दलों का ट्रैक्टरों पर विरोध तो रिवाज सा बन गया है। उन्होंने साफ किया कि इस कानून में किसानों का कहीं भी नुकसान नहीं है। यह कानून किसानों के हित में है। किसी किसान की जमीन नहीं जाएगी।
जरूरी वस्तुओं को लेकर कानून देश के लिए लाभदायक होगा। अगर कोई इसका गलत इस्तेमाल करेगा तो कार्रवाई का प्रावधान भी है फिर भी किसानों की शंकाओं को दूर करने के लिए भाजपा व सरकार तैयार है। उन्होंने कानूनों की आड़ में पंजाब का माहौल खराब करने व ऐसे प्रयासों की कड़ी निंदा की।