अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर के साथ सनौर निर्वाचन क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों सिरकपड़ा, रत्ताखेड़ा और महमूदपुर रुड़की का दौरा किया। इस दौरान मंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए ग्रामीणों और किसानों से बातचीत की। इस मौके ग्रामीणों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि देवीगढ़ से आगे की अधिकांश संपर्क सड़कें भारी बारिश के कारण खराब हो गई हैं जिससे किसानों, छात्रों और स्थानीय निवासियों के लिए कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने सिरकपड़ा पुल के टूटने का मुद्दा भी उठाया जिस कारण पूरे क्षेत्र का संपर्क टूट गया है और इसे तत्काल फिर से बनाने की आवश्यकता है। खराबगढ़ और रत्ताखेड़ा के परिवारों ने मंत्री को बताया कि कई घर नष्ट हो गए हैं, जिससे उनके पास रहने के लिए छत नहीं है और वे स्थायी आवास समाधान की मांग कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक ने प्रशासन को घरों, कृषि भूमि और बुनियादी ढांचे के नुकसान का विस्तृत सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा और प्रभावित परिवारों को स्थायी घरों में सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शामिल किया जाएगा।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए नाइक ने कहा कि टांगरी और घग्गर नदियों से बार-बार आने वाले बाढ़ के खतरों को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थायी समाधान प्रदान करने के लिए केंद्रीय जल आयोग के साथ मिलकर चैनलाइजिंग और डिसिल्टिंग का काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार ने पहले ही पंजाब को 1,600 करोड़ का विशेष राहत पैकेज दिया है। इसके अलावा एसडीआरएफ फंड के तहत 12,000 करोड़ जारी किए गए हैं।