यह परियोजना कुल 848 किलोमीटर लंबी है। सामरिक महत्व के अलावा इसका पर्यटन की दृष्टि से भी महत्व है। निर्माण पूरा होने पर हरियाणा व राजस्थान के मध्य शेखावाटी क्षेत्र में पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन पर्यटन गलियारा होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय मंत्री राव की मांग पर 4 जुलाई 2015 को रेवाड़ी के जिस आउटर बाईपास की घोषणा की थी, वह अब इसी राजमार्ग का हिस्सा है। रेवाड़ी की तीन परियोजनाएं पूरी होने के बाद विकास में तेजी आएगी।
रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम हाइवे की 2016 में हुई थी घोषणा
रेवाड़ी से पटौदी होते हुए गुरुग्राम तक की करीब 42 किलोमीटर लंबी सड़क को भारत माला योजना के तहत 2016 में फोरलेन नेशनल हाईवे बनाने की घोषणा की गई थी। एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर पीके कौशिक के मुताबिक फोरलेन नेशनल हाईवे पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया था। लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का कहना है कि प्रोजेक्ट उनके पास 2018 में आया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से जो डीपीआर तैयार कर मंत्रालय को भेजी गई थी, उसके तहत गुरुग्राम से शुरु होकर हाईवे रेवाड़ी के एनएच-71 पर मिलेगा। इसके लिए एनएच-71 पर नए हाईवे पर जाने के लिए इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके अलावा रेलवे ओवरब्रिज सहित 13 छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इस रोड से लगते अन्य रास्तों को मिलाने के लिए 7 इंटरचेंज भी बनाए जाएंगे।
14 जुलाई को ऑनलाइन करेंगे शिलान्यास: पीडी
एनएचएआई के प्रोजेक्टर डायरेक्टर पीके कौशिक ने कहा कि रेवाड़ी-पटौदी-गुरुग्राम, आउटर बाईपास, रेवाड़ी-अटेली एनएच-11 के अलावा अटेली व नारनौली बाईपास व ग्रीन फील्ड हाईवे का शिलान्यास ऑनलाइन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे।
लोगों का यातायात सुगम एवं सुरक्षित होगा: राव
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 14 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इन योजनाओं का शिलान्यास कर क्षेत्र के नागरिकों को समर्पित करेंगे। राव ने कहा कि नितिन गडकरी के आभारी हैं कि उन्होंने क्षेत्र के इन योजनाओं को मंजूरी दी। इन योजनाओं के निर्माण के बाद यहां के लोगों का यातायात सुगम एवं सुरक्षित हो सकेगा।