बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब देते केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों से बैठक की। यह बैठक सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में हुई। उन्होंने अधिकारियों के साथ बिजली और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। बैठक में शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट से लेकर बिजली विभाग के निजीकरण समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद मनोहर लाल की चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के साथ यह पहली बैठक थी।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मनोहर लाल ने कहा कि चंडीगढ़ में बिजली सेवाओं के निजीकरण को लेकर मामला हाई कोर्ट में था। दो दिन पहले हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि निजीकरण किया जा सकता है। इस पर आगे कदम उठाने के लिए या तो इसे शुरू किया जाएगा या सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है। इसपर यूटी प्रशासन को फैसला लेना है। हालांकि विभाग में पहले से काम कर रहे कर्मचारियों का नुकसान नहीं होगा। उन्हें पूरे लाभ दिए जाएंगे। यूटी प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारियों के कल्याण का ध्यान रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निजीकरण के दौरान उनकी नौकरियों पर कोई खतरा न हो।
जेएंडके में 370 की वापसी की संभावना नहीं
बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 370 का विषय नया नहीं है, ये तब से है जब देश का संविधान बना था। पूरे देश में मांग थी कि 370 को खत्म किया जाना चाहिए। इसे भाजपा की केंद्र सरकार ने खत्म किया है। अब देश (जम्मू-कश्मीर) में किसी भी व्यक्ति, संगठन, पार्टी की ऐसी कोई साजिश (370 की वापसी) सफल नहीं होने दी जाएगी। 370 के वापस आने की कोई संभावना नहीं है।