जांच टीम ने कहा है कि मुख्यमंत्री के चहेते आईजी कुंवर विजय ने उनसे सलाह किए बिना चार्जशीट दायर की थी। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि इस जांच का कितना राजनीतिकरण हो चुका है। मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट की तरह यह चार्जशीट भी कांग्रेस भवन में बैठकर तैयार की गई है। मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोगों ने उनके खिलाफ झूठे प्रचार को रद्द कर दिया है और बेअदबी के मुद्दे का राजनीतिकरण करने वालों को सजा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मेडिकल अध्यापकों की भर्ती करने में लापरवाही के कारण सेहत सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पहले सरकार ने एम्स संस्थान के निर्माण में रोड़े अटकाए थे। अब यह मेडिकल अध्यापकों की भर्ती से इंकार करके लोगों को अच्छी सेहत सेवाएं देने से भाग रही है।