श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह
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श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार की ओर से मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। जत्थेदार का कहना है कि इससे एक धार्मिक नेता के तौर पर उनके काम में बाधा आएगी। केंद्र ने शुक्रवार को ही उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का एलान किया था। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के बदलते हालात को देखते हुए सरकार ने सिख धर्मगुरु को देश की दूसरी सबसे बड़ी सुरक्षा देने का फैसला लिया था।
जेड श्रेणी के तहत सुरक्षा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 16-20 कमांडों हमेशा तैनात रहते हैं। सड़क मार्ग से यात्रा करने पर पायलट और एस्कॉर्ट गाड़ियों की सुविधा भी दी जाती है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह उन 424 लोगों में से हैं, जिनकी सुरक्षा पिछले दिनों पंजाब सरकार ने घटा दी थी। पंजाब सरकार ने कुल छह पुलिसकर्मियों को तैनात किया था, जिसे घटाकर तीन कर दिया गया। इसके बाद जत्थेदार ने बाकी तीन सुरक्षाकर्मी भी राज्य सरकार को लौटा दिया था। श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और जत्थेदार इसके प्रमुख होते हैं।
मैं केंद्र की भावनाओं का सम्मान करता हूं। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार होने के नाते मेरा कार्यक्षेत्र सिख धर्म और उसके सिद्धांतों का प्रचार करना है। इसके लिए कई लोगों से मिलना होता है। दूसरों के आवास पर भी रुकना पड़ता है। ऐसी स्थितियों में जेड श्रेणी की सुरक्षा के साथ यात्रा करना मेरे लिए संभव नहीं है। ज्ञानी हरप्रीत सिंह, जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब