आईआईटी रोपड़ के स्थायी कैंपस का उद्घाटन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आईआईटी रोपड़ के स्थायी कैंपस का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने किया। इस कैंपस को उन्होंने देश को समर्पित करते हुए कहा कि इससे युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा। इसमें वर्चुअल रूप से केंद्रीय राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी मौजूद रहे।
रमेश पोखरियाल ने नई शिक्षा नीति को देश के हित में बताते हुआ कहा कि यह शिक्षा नीति बहुत लंबे समय के बाद आई है। इससे देश के युवाओं का भविष्य अच्छा होगा। इस नीति से युवा अब शिक्षा के साथ-साथ कौशल का विकास भी कर सकेंगे। केंद्रीय मंत्री ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत में एक हजार विश्वविद्यालय है फिर भी भारत के लाखों युवा विदेश में पढ़ाई के लिए जा रहे हैं। इससे भारत की प्रतिभा और पैसा दोनों बेकार हो जाता है।
उन्होंने कहा कि इस शिक्षा नीति से आने वाले समय में सुधार होगा। वह वक्त अब दूर नहीं जब विदेश से युवा भारत में पढ़ने आएंगे। उन्होंने कहा कि देश की अधिकतर आबादी युवा है। अगर हम इसे संसाधन के रूप में प्रयोग करें तो देश का विकास तेजी से होगा।
इस दौरान आईआईटी रोपड़ के निर्देशक प्रोफेसर सरित कुमार दास ने संस्थान की सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने ग्रीन कैंपस का एक वीडियो भी दिखाया। इसमें सौर ऊर्जा, वातावरण के अनुकूल लघुकरण विकल्प, कुशल जल प्रबंधन और साफ अवशेष प्रबंधन की तकनीकों के बारे में बताया गया था। इस मौके पर अमित खरे सचिव उच्च शिक्षा, आईआईटी रोपड़ के डायरेक्टर प्रोफेसर सरित कुमार और रविन्द्र कुमार मौजूद रहे।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ की स्थापना 2008 में शुरू हुई थी। यह कैंपस 500 एकड़ की भूमि में फैला हुआ है। इसमें सात अकादमिक विभागों के लिए 4.76 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में एक सुपर अकादमिक ब्लाक बनाया जा रहा है। वहीं आने वाले दिनों में पुस्तकालय का निर्माण भी हो जाएगा।