प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत योजना के अलावा कृषि व किसानों के लिए कई नई घोषणाएं कीं। इनमें मंडियों के डिजिटलाइजेशन और किसानों को कर्ज मुहैया कराने के लिए बजट में इजाफा शामिल है लेकिन पंजाब के किसानों को ऐसी योजनाओं का लाभ पहले भी इस कारण नहीं मिल सका क्योंकि पंजाब में प्रति व्यक्ति आय अन्य राज्यों के मुकाबले अधिक है, जिससे पंजाब के किसान भी केंद्रीय योजनाओं के लाभ के पात्र नहीं हो पाते।
पिछले साल के बजट में भी केंद्र ने किसानों के लिए 15 लाख के कर्ज का एलान किया था लेकिन पंजाब के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सका था। किसानों की आय दोगुनी करने की केंद्रीय योजना का उल्लेख भी बजट में है। इसके अलावा बजट में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने का वादा भी केंद्र सरकार ने किया है।
फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) लागू रखने की घोषणा के साथ ही एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) के फंड में कटौती और गोदामों के विनिवेश ने नए बजट में किसानी हितों को लेकर पूरा घालमेल कर दिया है।