यह इंडस्ट्री की लंबे समय से मांग थी। इसके अलावा डेढ़ करोड़ से कम टर्न ओवर वाले कारोबारियों के लिए पेंशन का एलान किया गया है। हालांकि यह साफ नहीं किया गया है कि पेंशन कितनी होगी। हालांकि जितने जोर-शोर से एमएसएमई का नाम लिया गया है, उतनी भी राहत नहीं मिली है। इनके लिए चल रही एस्पायर, सीएलसीएसएस जैसी स्कीमों का बजट घटा दिया गया है।
पंजाब की एमएसएमई की मांग थी कि लैंड लॉक्ड स्टेट होने के कारण प्रतिस्पर्धा के लिए फ्रेट सब्सिडी दी जाए। छोटी इंडस्ट्री को टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन में सरकार मदद करे। अगर आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो इन-डायरेक्ट बेनिफिट के तहत चीन के सामान पर टैरिफ बढ़ाना और नई मशीनें लगाने में ड्यूटी माफ करना जैसी मदद कर सकती है।
लेकिन इनमें से कुछ भी नहीं हुआ। टेक्सटाइल इंडस्ट्री भी निराश हुई। बांग्लादेश से आने वाले सामान पर ड्यूटी की मांग पूरी नहीं हुई। कभी पंजाब की शान रही स्पोर्ट्स गुड्स इंडस्ट्री को ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। लगातार सिकुड़ रही इस इंडस्ट्री की आरएंडडी सेंटर समेत तमाम मांगें फिर दरकिनार की गईं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
पंजाब सरकार और लोगों को काफी उम्मीदें थीं कि केंद्र सरकार श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व समागमों के लिए कुछ खास बजट प्रावधान करेगी। लेकिन केंद्रीय बजट ने इस महत्वपूर्ण मसले पर भी पंजाब को निराश किया। पीएम नरेंद्र मोदी शुरू से ही करतारपुर साहिब कॉरिडोर मामले में निजी दिलचस्पी ले रहे हैं।
प्रकाश पर्व और श्री ननकाना साहिब से नगर कीर्तन निकलने के संबंध में भी उन्होंने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिए थे। साथ ही जिन देशों में भी श्री गुरु नानक देव जी गए थे, वहां के दूतावासों को समागम करवाने को भी कहा गया था। लेकिन इसी साल नवंबर में आ रहे 550वें प्रकाश पर्व को लेकर बजट में कोई एलान नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय बजट को पूरी तरह दिशाहीन बताया है। उनका कहना है कि इसमें समाज के किसी भी वर्ग को कुछ भी नहीं दिया गया। रक्षा जैसे अहम क्षेत्र को अनदेखा किया गया और श्री गुरु नानक देव जी के 550वें एतिहासिक प्रकाश पर्व को मनाने के लिए फंड की कोई व्यवस्था नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने इसे बड़ी बातें और छोटे काम वाला बजट बताया, जिसमें राष्ट्रीय हितों को पूरी तरह अनदेखा किया गया है।
बजट में कुछ भी सराहनीय नहीं: मनप्रीत बादल
पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि बजट में कुछ भी सराहनीय नहीं है। इससे महंगाई बढ़ेगी। इस बजट से देश के हर वर्ग को मायूसी ही हुई है। भाजपा ने चुनाव से पहले जनता से जो वादे किए थे, उनको पूरी तरह भुला दिया गया। पूरे बजट भाषण के दौरान राजकोषीय घाटा, राजकोषीय नीति, राजस्व, राजस्व वृद्धि का कोई जिक्र नहीं किया। मोदी सरकार के जितने फ्लैगशिप कार्यक्रमों का बखान किया गया, उनके लिए पैसा कहां से आएगा, इसका भी बजट में जिक्र नहीं है।