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बजट पर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- बातें बड़ी, काम छोटे, पढ़ें किसने क्या कहा

Sat, 06 Jul 2019 12:21 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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केंद्रीय बजट 2019-20 को पूरी तरह दिशाहीन बताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इसमें समाज के किसी भी वर्ग को कुछ भी नहीं दिया गया और यहां तक कि रक्षा जैसे अहम क्षेत्र को भी अनदेखा किया गया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें ऐतिहासिक प्रकाश पर्व को मनाने संबंधी समारोहों के लिए भी फंड की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

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केंद्रीय बजट की तीखी आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बड़ी बातें और छोटे काम वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि इसमें राष्ट्रीय हितों को पूरी तरह अनदेखा किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने अपनी प्राप्तियों को भूतकालिक वाक्यों और वादों को भविष्य के वाक्यों में पेश किया लेकिन उन्होंने इस बात का कोई भी संकेत नहीं दिया कि सरकार वर्तमान समय में लोगों को क्या देने की इच्छा रखती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में जिक्र की गई पिछली प्राप्तियां पिछली कांग्रेस सरकारों द्वारा किये गए कार्यों का प्रमाण हैं। कैप्टन ने इन तथ्यों पर हैरानी प्रकट की कि लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद के झंडे को बुरी तरह उभारने वाली एनडीए सरकार ने बजट में रक्षा क्षेत्र में केवल 6.5 प्रतिशत का विस्तार करने का एलान करके इस क्षेत्र को पूरी तरह अनदेखा किया है। 
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पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल - फोटो : फाइल
कैप्टन ने कृषि के लिए रियायतों या किसी असरदार दखल का एलान करने में नाकाम रहने के लिए केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की है क्योंकि कृषि सेक्टर पूरी तरह बर्बाद हो गया है और किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।

उन्होंने किसानों की दयनीय स्थिति को अनदेखा करने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ‘जीरो बजट कृषि’ का प्रस्ताव एक ढोंग ही है जबकि किसानों की समस्याओं के हल के लिए इसमें कुछ भी नहीं है। 

बजट में पंजाब की सिर्फ एक मांग हुई पूरी
पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने केंद्र सरकार के वर्ष 2019-20 के आम बजट पर मायूसी जताते हुए कहा कि यह बजट न तो देश के किसी वर्ग की उम्मीदों पर खरा उतरा है और न ही पंजाब को लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर ही कोई राहत मिली है।

हालांकि मनप्रीत ने यह भी कहा कि इस बजट में पंजाब की सिर्फ एक मांग पूरी हुई है और राज्य सरकार को शराब की लाइसेंस फीस पर लग रहे 18 फीसदी जीएसटी से छूट मिल गई है। 

उन्होंने कहा कि पंजाब को शराब पर टैक्स लाइसेंस फीस के रूप में प्राप्त होता है और सर्विस टैक्स पर जीएसटी 18 फीसदी लगाई गई है। पंजाब सरकार की लाइसेंस फीस से आय 6000 करोड़ रुपये सालाना है और उस पर सर्विस टैक्स 18 फीसदी देना पड़ रहा था।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस टैक्स को हटाने की मांग की जा रही थी, जिसे इस बजट में मंजूर कर लिया गया है। इससे राज्य सरकार को 108 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी।

‘... काट कर देखा तो कतरा-ए-खूं भी न निकला’

मनप्रीत बादल ने अपनी प्रतिक्रिया की शुरुआत हैदर अली आतिश के इस शेर से की- बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का, काट कर देखा तो कतरा-ए-खूं भी न निकला।

मनप्रीत ने कहा कि बजट में कुछ भी सराहनीय नहीं है और इससे देश भर में महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद का सहारा लेकर सत्ता में आई सरकार ने बजट में रक्षा बजट में 6 फीसदी का इजाफा किया, जो नाकाफी है और इतनी राशि तो मुद्रास्फीति की भरपाई में लग जाएगी। 

ऐसे में सेनाओं को नए हथियार, सेना की डिवीजनों की नई भर्ती जैसे कामों के लिए पैसा कहां से आएगा? मनप्रीत ने इस बात पर हैरानी जताई कि वित्त मंत्री सीतारमण ने पूरे बजट भाषण के दौरान राजकोषीय घाटा, राजकोषीय नीति, राजस्व, राजस्व वृद्धि का कोई जिक्र नहीं किया। 

पेट्रोल-डीजल पर सेस राज्यों से हेराफेरी
पेट्रोल-डीजल पर सेस की आलोचना करते हुए मनप्रीत ने कहा कि 2016 में जब दुनिया भर में तेल की कीमतें कम थी, उस समय तो सरकार ने लोगों को इसका फायदा मिलने नहीं दिया। अब जब विश्व बाजार में कच्चा तेल 65 डॉलर प्रति बैरल है तो उपकर की आड़ में जनता पर बोझ लादा जा रहा है। 

मनप्रीत ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर लिए जाने वाले टैक्स में राज्यों का 42 फीसदी हिस्सा होता है लेकिन उपकर या अतिरिक्त कर केवल केंद्र की झोली में जाता है। इस बार उपकर लगाकर और इससे पहले भी पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त कर लगाकर केंद्र राज्यों का हिस्सा हड़प रहा है।
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गांव, गरीब, किसान का नारा सिद्ध होगा जुमला: भाकियू

भारतीय किसान यूनियन के प्रधान भूपिंदर मान ने कहा है कि यह सिर्फ इंडिया का बजट है, भारत के लिए इसमें कोई जगह नहीं है। क्योंकि इंडिया कारपोरेट घरानों का है और भारत में गरीब किसान और मजदूर बसते हैं। इस बजट में किसानों के हक की कोई बात नहीं की गई। बल्कि डीजल के रेट बढ़ा कर किसानों को और मारने का काम किया गया है।

मान ने कहा कि सरकार ने ऐसे टैक्स लगा कर आम वर्ग को लूटा है। जबकि, सीधे टैक्स घटा कर उद्यमियों को लाभ पहुंचाया है। इस तरह मोदी सरकार द्वारा दिया गांव, गरीब, किसान का नारा भी पहले के नारों की तरह एक जुमला साबित होगा। फसलों की लागत लगातार बढ़ रही है। इसकी भरपाई के लिए कुछ नहीं किया गया है। अपने पिछले कार्यकाल की तरह इस बार भी मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा ही करेगी।

मोदी सरकार ने सिख कौम से विश्वासघात किया: रंधावा
पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय बजट में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित समारोहों को पूरी तरह अनदेखा किए जाने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे पूरी सिख कौम के साथ मोदी सरकार का विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में 550वें प्रकाश पर्व का जिक्र तक न करके 13 करोड़ ‘नानक नाम लेवा’ संगत के व्यथित कर दिया।

एक बयान में रंधावा ने कहा कि केंद्र सरकार में सहयोगी अकाली दल के नेता इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि संसद में बजट भाषण सुनते हुए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को शर्म क्यों न आई? उन्होंने कहा कि यह बजट सिख कौम के साथ-साथ पंजाब विरोधी भी है।
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