बेरोजगार डीपीई अध्यापकों ने सीएम भगवंत मान का काफिला रोका।
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पटियाला-राजपुरा रोड पर नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य का जायजा लेने शुक्रवार को पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले को बेरोजगार डीपीई अध्यापकों ने रोक लिया। अध्यापकों ने मान के आगे अपनी मांगें रखीं और नियुक्ति पत्र जारी करने की अपील की। जवाब में सीएम मान ने बेरोजगार डीपीई अध्यापकों की मांगों पर जल्द गौर करने का आश्वासन दिलाया।
सीएम मान ने प्रदर्शनकारी अध्यापकों से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने का काम कर रही है। जहां भी विभिन्न संगठनों के नुमाइंदे धरने पर बैठे हैं, वह आंदोलन खत्म करके अपने-अपने घरों को लौट जाएं। सरकार पूरी ईमानदारी से मुलाजिमों को नियमित करने के रास्ते में आ रही कानूनी अड़चनों को दूर कर रही है। सभी को रेगुलर किया जाएगा। जल्द पंजाब में बड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इससे पंजाब के युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।
उधर, प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार डीपीई अध्यापक गुरप्रीत सिंह ने कहा कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले 168 पदों पर पंजाब सरकार ने भर्ती की थी लेकिन अब उन पर टेट परीक्षा थोपी जा रही है। यह नियमों के विपरीत है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बेरोजगार अध्यापक मोहाली में पिछले कई दिनों से पानी की टंकी पर चढ़कर धरना दे रहे हैं।
कई बार मंत्री हरजोत बैंस के साथ बैठक हो चुकी है लेकिन अब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। बेरोजगार डीपीई अध्यापकों में खासी नाराजगी है। अब उन्होंने फैसला लिया है कि प्रदेश में जहां भी सीएम जाएंगे, वहां उनका घेराव किया जाएगा। इसी के तहत शुक्रवार को पटियाला में मुख्यमंत्री का घेराव किया गया है। मांगें पूरी नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।