यूटी प्रशासन की ओर से ट्रिब्यून और ट्रांसपोर्ट चौक पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के लिए नियुक्त कंसलटेंट ने सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।
इस सर्वे के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि इन सड़कों पर किस समय ट्रैफिक अधिक रहता है और यहां सड़कों को चौड़ा किया जा सकता है या नहीं? साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि यहां अंडरपास कितना जरूरी है।
इसके साथ ही ट्रैफिक लाइट्स में लगे टाइमर के बारे में भी फैसला लिया जाएगा। कंसलटेंट ने इस सर्वे के लिए ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट और हाउसिंग बोर्ड लाइट प्वाइंट पर टेंट लगाए हैं।
दिन भर में जितने भी वाहन इन सड़कों के गुजर रहे हैं उनका आंकड़ा एकत्र किया जा रहा है। इन वाहनों के नंबर नोट हो रहे हैं साथ ही यह भी नोट किया जा रहा है कि दो पहिया वाहन ज्यादा गुजर रहे हैं कि चार पहिया वाहन? इसके साथ ही यह भी नोट किया जा रहा है किस तरह के वाहन ज्यादा गुजर रहे हैं?
प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार इस सर्वे में मिले आंकड़ों में हम शहर के लिए बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट कर सकते हैं। इसी तरह का सर्वे सेक्टर-29-31 राउंड अबाउट और ट्रिब्यून चौक पर भी कराया जा रहा है।
प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की ओर से ट्रिब्यून चौक से यूटी की सीमा (अंबाला की तरफ) और ट्रांसपोर्ट चौक से पंचकूला की तरफ बढ़ते ट्रैफिक को कम करने के सुझाव देने के लिए नामी कंसलटेंट्स से एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट आमंत्रित किए थे।
प्रशासन ट्रिब्यून व ट्रांसपोर्ट चौक पर अंडरपास बनाने से पहले एक बार कंसलटेंट की राय लेना चाहता है। पहले प्रशासन ने राइट्स से इन दो चौक पर ट्रैफिक को कम करने को लेकर स्टडी कराने का विचार किया था, लेकिन प्रशासन ने यह काम किसी एक एजेंसी को सौंपने की जगह इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित करने का फैसला लिया।
चंडीगढ़ में आठ अंडरपास बनाने की योजना कई सालों से लटकी है। शहर में अंडरपास तैयार करने का काम पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपा गया था।
अब नगर निगम ने इसे तैयार करना है। इससे पहले ट्रैफिक को लेकर सर्वे वर्ष 2009 में हुआ था। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए यह सर्वे कराया गया था। चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि इस सर्वे से हम शहर के लिए बेहतर प्लानिंग कर सकते हैं।