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Chandigarh News: 15 अक्तूबर तक सरकार को अल्टीमेटम, 17 को आर-पार के संघर्ष का एलान

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किसान मजदूर मोर्चा की बैठक में फैसला, तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों की याद में मशाल मार्च
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कृषि मंत्री के साथ 24 सितंबर की बैठक में मानी गई मांगों पर हुई प्रगति की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब सरकार को अपनी मानी हुई मांगें लागू करने के लिए 15 अक्तूबर तक का समय दिया है। इसके बाद 17 अक्तूबर को आर-पार के संघर्ष का एलान किया जाएगा। सोमवार को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में हुई मोर्चे की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में 24 सितंबर को कृषि मंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार की ओर से मानी गई मांगों और उन पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

तीन अक्तूबर को मशाल मार्च
मोर्चे ने तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी के शहीद किसानों की याद में चंडीगढ़ में कैंडल और मशाल मार्च निकालने का फैसला किया है। मार्च किसान भवन से शुरू होकर मटका चौक तक जाएगा। मोर्चे ने लखीमपुर खीरी मामले में दोषियों को सजा देने की मांग की।
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कश्मीर में होगी ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा की बैठक
छह अक्तूबर को ऑल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा की बैठक कश्मीर में होगी। इसमें देशभर के किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों के साथ आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

एमएसपी बढ़ोतरी को बताया नाकाफी
केंद्र सरकार की ओर से रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि गेहूं के दाम में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी किसानों की लागत और आय के लिहाज से नाकाफी है। मोर्चे ने फसलों के दाम डॉ. स्वामीनाथन आयोग के सी2+50 प्रतिशत फार्मूले के आधार पर तय करने की मांग की।
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नशे पर दोनों सरकारों से ठोस कार्रवाई की मांग
केंद्रीय गृह मंत्री के पंजाब दौरे के दौरान नशे को लेकर पंजाब सरकार पर लगाए गए आरोपों पर मोर्चे ने कहा कि नशे की समस्या गंभीर है और पंजाब सरकार को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। साथ ही सीमा पार से नशे की तस्करी रोकना केंद्र की भी जिम्मेदारी है। मोर्चे ने आरोप-प्रत्यारोप के बजाय दोनों सरकारों से ठोस कार्रवाई की मांग की। बैठक में लखविंदर सिंह वरियाम नंगल, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, दलबाग सिंह हरीगढ़, बलदेव सिंह जीरा, दलबाग सिंह गिल, बलकार सिंह बैंस, मनजीत सिंह राय, जंग सिंह भनेड़ी, गुरअमनीत सिंह मांगट, बलजिंदर सिंह चढ़िआला और मनप्रीत सिंह चन्नी समेत विभिन्न किसान संगठनों के नेता मौजूद रहे।
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