हरियाणा सरकार ने समय रहते जाटों को आरक्षण नहीं दिया तो फरवरी से फिर आंदोलन छेड़ेंगे। रविवार को जसिया में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने यशपाल मलिक की अध्यक्षता में हुई बैठक में अल्टीमेटम देते हुए यह फैसला लिया।
मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि 19 मार्च 2017 को केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और पीपी चौधरी की मौजूदगी में प्रदेश सरकार से 6 सूत्री समझौता हुआ था। सरकार ने कुछ मांगें पूरी कर दी हैं। अभी भी केंद्र और राज्य में जाटों को आरक्षण, जेलों में बंद युवाओं की रिहाई की मांग अधूरी है। केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र में जाटों को ओबीसी में शामिल करने के लिए विशेष विधेयक लेकर आए और प्रदेश सरकार 31 दिसंबर तक पिछड़ा वर्ग आयोग के माध्यम से सर्वे पूरा कर आरक्षण दिलवाए। मलिक ने कहा कि आरक्षण की मांग पूरी नहीं हुई तो जाट समाज फरवरी माह से प्रदेश में दोबारा आंदोलन शुरू करेगा। आंदोलन की तिथि और रूपरेखा का एलान जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर करेंगे।
कैप्टन अभिमन्यु इस्तीफा देकर मैदान में आएं
यशपाल मलिक ने कहा कि वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और सांसद राजकुमार सैनी भाजपा के मोहरे हैं। दोनों प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं। वित्त मंत्री सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। अगर दो-दो हाथ करने हैं तो इस्तीफा देकर समाज के बीच में आएं। सांसद राजकुमार सैनी को प्रदेश सरकार संरक्षण देकर डर और भय का माहौल दोबारा बना रही है।