चंडीगढ़। पीयू के यूआईईटी के सेक्टर-25 परिसर में न तो कैमरे लगाए गए हैं और न ही पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इस कारण रात के समय छात्रावास के विद्यार्थी घूमने और लाइब्रेरी से सेक्टर-25 जाने में असुरक्षित महसूस कर रहे हें। इस मुद्दे को विद्यार्थियों ने कई बार अधिकारियों के समक्ष रखा, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है। एबीवीपी ने यूआईईटी की समस्याओं को लेकर निदेशक को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने कैमरों के अलावा यूआईईटी में नए वाटर कूलर लगाने और पुराने कूलरों की मरम्मत करवाने की मांग रखी।
इसके अलावा सड़कों के रखरखाव, पार्किंग स्थल की मरम्मत और क्षेत्र का विस्तार करने, साइकिल स्टैंड की सुविधा के लिए पार्किंग स्थल के पास नया साइकिल स्टैंड बनाने, ब्लॉक-2 से यूआईआईटी कैंटीन तक पक्का मार्ग बनाने, कैंटीन के पास आश्रय और बैठने की सुविधा के लिए शेड और बैंच लगाने की मांग भी रखी। एबीवीपी अध्यक्ष अमित पूनिया ने कहा कि पीयू के सेक्टर-25 में विद्यार्थियों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कई खामियां है। पीयू प्रशासन की ओर से सेक्टर-25 की ओर कम ध्यान दिया जाता है।
तीन वर्षीय कानून विभाग को मान्यता की मांग
पंजाब यूनिवर्सिटी के तीन वर्षीय कानून विभाग को मान्यता देने की मांग को लेकर एबीवीपी के छात्र सदस्यों ने विभाग के कार्यालय अध्यक्ष से मुलाकात की। कानून विभाग की मान्यता वर्ष 2017 में समाप्त हो चुकी है। इकाई मंत्री और यूआईएलएस के छात्र शौर्य मेहरा ने बताया कि बिना मान्यता के अगर कोई छात्र बाहरी देशों में अपना कॅरिअर बनाने के लिए जाना चाहते हैं, उन्हें समस्याएं आएंगी। इसलिए विभाग के छात्र चिंतित हो रहे हैं। इस दौरान सदस्य वागिश पराशर, परविंदर नेगी, निखिल शर्मा, शिवम वर्मा, रोहित बिहाने, सागर चावरिया, सक्षम शर्मा इत्यादि मौजूद रहे।