मुंबई हाइकोर्ट ने भले ही फिल्म उड़ता पंजाब की रिलीज हो हरी झंडी दे दी हो, लेकिन फिल्म अब पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट में अटक गई है। देखिए क्यों?
पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में इस फिल्म को लेकर दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार, सेंसर बोर्ड और फिल्म की निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। जस्टिस एम. जयपॉल की वेकेशन बेंच ने इस मामले में मुंबई के एडवोकेट सुजॉय कांटावाला को एमिक्स क्यूरे नियुक्त करते हुए फिल्म पर वीरवार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस फिल्म को देख लिया है वह इस पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जालंधर निवासी वतन सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि फिल्म उड़ता पंजाब में पंजाबियों की छवि ऐसी दिखाई गई है कि पंजाब में ज्यादातर लोग नशे के आदी हैं और नशे पर लगाम कसने में पुलिस और पंजाब सरकार पूरी तरह नाकाम रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि फिल्म में पंजाब और पंजाबियों की गलत छवि दिखाई गई है, इसलिए फिल्म के रिलीज पर रोक लगाई जाए।
याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इस फिल्म को लेकर पंजाब में विभिन्न राजनीतिक दल इन दिनों राजनीति कर रहे हैं। इसलिए उपयुक्त होगा कि फिल्म रिलीज करने से पहले हाईकोर्ट इस फिल्म को अनएडिटेड प्रिंट मंगाकर उसे देख और फिल्म रिलीज बारे फैसला ले।