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372 आईओ मामले में यू टर्न: नई रिपोर्ट में केवल 99 दोषी, खफा अनिल विज ने फिर बैठाई जांच

Tue, 21 Nov 2023 08:30 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मई 2023 में तत्कालीन डीजीपी पीके अग्रवाल की रिपोर्ट में बताया गया था कि लगभग 3,229 मामले ऐसे हैं जिनमें एक साल से अधिक समय से अंतिम निपटान नहीं किया गया है। इसके लिए सभी जांच अधिकारियों से जवाब मांगा गया था लेकिन 372 जांच अधिकारियों ने संतोषजनक जबाब नहीं दिया।
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Haryana News: - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक साल से अधिक लंबित मामलों में 372 जांच अधिकारियों (आईओ) को निलंबित करने के मामले में पुलिस विभाग ने यूटर्न लिया है। गृह मंत्री अनिल विज को भेजी नई विस्तृत रिपोर्ट में पुलिस विभाग ने केवल 99 जांच अधिकारियों को ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है। शेष 273 जांच अधिकारियों को क्लीनचिट दे दी गई है। विभाग ने अपनी पहली रिपोर्ट को गलतफहमी में तैयार की गई रिपोर्ट बताया है। दोनों रिपोर्टों में भारी अंतर आने पर विज ने कड़ा संज्ञान लेते हुए एसीएस को इसकी जांच का निर्देश दिया है।

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विज ने गृह विभाग के एसीएस को लिखे पत्र में कहा है कि या तो पहली रिपोर्ट गलत है या फिर दूसरी। ऐसे में किसी न किसी ने सरकार को गुमराह करने की कोशिश की है। इसलिए इस मामले की जांच कर जवाबदेही तय करें, ताकि जिसने भी गुमराह किया है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। अब तक इस मामले में 99 जांच अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

अब 13 जिलों के एसपी राडार पर

नई रिपोर्ट आने के बाद अब विज के निशाने पर 13 जिलों के जांच अधिकारियों के साथ-साथ इन जिलों के पुलिस कमिश्नर और एसपी भी राडार पर आ गए हैं, क्योंकि दोनों ही रिपोर्ट फील्ड से आए डेटा के आधार पर तैयार की गई हैं। पहली रिपोर्ट में 372 जांच अधिकारियों को मामलों की तफ्तीश में देरी के लिए जिम्मेदार बताया गया था। विज के इन सभी को निलंबित करने के आदेश देने के एक माह बाद डीजीपी की ओर से तैयार नई रिपोर्ट एसीएस के माध्यम से विज के पास पहुंची है। इनमें सभी 372 जांच अधिकारियों की रिपोर्ट है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तय तिथि तक 272 जांच अधिकारी अपने केस निपटा चुके थे सिर्फ 99 के ही केस लंबित मिले हैं।

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               दूसरी रिपोर्ट में भी सर्वाधिक लापरवाह आईओ सिरसा में

जिला पहली रिपोर्ट में लापरवाह आईओ दूसरी रिपोर्ट में लापरवाह आईओ
पंचकूला    10                         09
पानीपत  03                       02
गुरुग्राम 60 14
फरीदाबाद 32 13
अंबाला 30 08
यमुनानगर  57 06
करनाल             31 06
हिसार  14   03
सिरसा  66  27
जींद 24  07
रेवाड़ी   05                         01
रोहतक             31                         02
सोनीपत             09                         01
कुल             372                       99


मई में पीके अग्रवाल ने दी थी पहली रिपोर्ट

मई 2023 में तत्कालीन डीजीपी पीके अग्रवाल की रिपोर्ट में बताया गया था कि लगभग 3,229 मामले ऐसे हैं जिनमें एक साल से अधिक समय से अंतिम निपटान नहीं किया गया है। इसके लिए सभी जांच अधिकारियों से जवाब मांगा गया था लेकिन 372 जांच अधिकारियों ने संतोषजनक जबाब नहीं दिया। संबंधित केस और आईओ के नाम के साथ पूरी रिपोर्ट विज के पास भेजी गई थी।

सख्त कार्रवाई के मूड में विज

लंबित मामलों में आईओ के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े अनिल विज अब उन आला अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के मूड में हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की। विज का कहना है कि ऐसा नहीं हो सकता कि दोनों रिपोर्टों में इतना अंतर आए। आखिरकार कौन सरकार को गुमराह कर रहा है, इसकी जांच का आदेश दिया गया है। जांच के बाद जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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