एमडीसी सेक्टर-5 की जीएच-1 सोसाइटी में टायफायड का एक और केस सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों के ब्लड के सैंपल ले रहा है।
मंगलवार को भी तीन लोगों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें एक की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इससे पहले नौ लोगों की सैंपलिंग हुई थी, जिनमें पांच की रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी।
कुल मिलाकर 12 सैंपलों में से टायफायड के छह केस कंफर्म हो चुके हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डा. नवजोत टिवाना के नेतृत्व में सुबह दस बजे से कैंप लगाकर बुधवार को भी लोगों की जांच की गई और चार लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए।
वहीं, 48 घरों से लीकेज की शिकायत मिली है और इसकी जांच व मरम्मत के लिए खुदाई का काम भी शुरू कर दिया गया है।
62 लोग अब भी हैं बीमार
तीन महीने से लगातार दूषित पानी की सप्लाई होने की वजह से अब तक एक बच्ची की मौत हो चुकी है, जबकि 62 लोग बीमार हैं। बुधवार को भी लोगों को सप्लाई में दूषित पानी ही मिला।
पानी में सीवरेज की बदबू, सोसाइटी के बाहर से लाते हैं पानी
टायफायड के बढ़ रहे केस से लोग इतने घबराए हुए हैं कि अब वह बर्तन धोने के लिए भी सप्लाई के पानी का उपयोग नहीं करते हैं।
वह बर्तन धोने से लेकर पीने तक के लिए सोसाइटी के बाहर से पानी ढोकर लाते हैं और बाल्टी लेकर पांचवीं मंजिल तक चढ़ते हैं।
उनका कहना है कि सप्लाई के पानी में सीवरेज की बदबू आती है। इससे बर्तन धोना भी मुश्किल है। हालांकि, लोगों कोे पानी की दिक्कत न हो, इसके लिए सोसाइटी में तीन दिनों से पानी के टैंकर मंगवाए जा रहे हैं।
पानी का सैंपल जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है। एक-दो दिनों में रिपोर्ट आ जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोसाइटी में रोजाना मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है। बुधवार को भी चार लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
डा. वीके बंसल, सिविल सर्जन, पंचकूला
मंगलवार को तीन लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए थे। इनमें टायफायड का एक केस कंफर्म हुआ है।
डा. नवजोत टिवाना, डिप्टी सिविल सर्जन