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रिसर्च: इन दो के कारण भी हो जाता है हार्ट फेल

Sat, 04 Jan 2014 09:50 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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आमतौर पर हार्ट अटैक के लिए कोलेस्ट्रॉल बढ़ना पाया जाता था, लेकिन पीजीआई की एक रिसर्च में सामने आया है कि हार्ट अटैक के अन्य कारण भी हैं।
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संस्थान के वीरोलॉजी विभाग की पीएचडी स्कालर मृणालिनी शर्मा ने अपनी रिसर्च में पाया कि इंट्रो व एडिनो नामक दो वायरस शरीर के अंदर कार रिसेप्टर के माध्यम से हार्ट में पहुंचते हैं।

वहां पर वे धीरे-धीरे हार्ट के सेल को डैमेज करने लगते हैं। इससे हार्ट का साइज बढ़ता है और पंपिंग करना बंद हो जाता। इससे व्यक्ति को हार्ट अटैक आने लगता।
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शर्मा ने बताया कि पूरे विश्व में इन दोनों वायरस से 20 प्रतिशत बच्चे व 12 प्रतिशत युवाओं की मौत होती है। भारत में भी हार्ट फ्लयोर का एक कारण दोनों वायरस पाए गए हैं।
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मृणालिनी की इस रिसर्च पर उन्हें इंटरनेशनल कांफ्रेंस आफ एशिया पेसिफिक कांग्रेस में बेस्ट यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस कांफ्रेंस का आयोजन 17 से 20 दिसंबर को नोएडा में आयोजित हुई थी।

इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर वायरस करते अटैक
मृणालिनी शर्मा ने बताया कि आम वायरस की तरह ये भी वायुमंडल में रहते हैं। जिनके इम्यून सिस्टम कमजोर होते हैं, उस पर वे ज्यादा इफेक्टिव होते हैं।

इनकी खासियत होती है कि वे धीरे-धीरे हार्ट के सेल को डैमेज करते हैं। लोगों को इस बारे में पता ही नहीं चल पाता और लोग इसका शिकार हो जाते।

दूसरी बात यह डायग्नोज भी बहुत कम हो पाता। इस वायरस का पता इको-कार्डियोग्राफी से लगता है। उन्होंने बताया कि इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं में होता है।
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