गुरदीप सिंह की पहली और बाद की तस्वीर।
तीन साल बाद कुछ दिन के लिए गांव आया था और मार्च 2019 में वापस दुबई चला गया। उसके बाद से उसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। गुरदीप अपने पिता की बीमारी को लेकर बेहद चिंतित रहता था। कुछ दिन पहले गांव के ही कुछ युवकों ने उन्हें यह वीडियो दिखाया, तब उन्हें पता चला कि बेटा वहां बुरी हालत में है।
अपने बेटे की हालत उनसे नहीं देखी जा रही। उसकी यह हालत कैसे हुई, उन्हें कुछ नहीं पता। बस एक बार फोन आया था कि एक हादसे में वह गंभीर चोटिल हो गया था और उसकी नौकरी चली गई। दोबारा उसने यह नहीं बताया कि नौकरी मिली या नहीं।
उन्होंने बताया कि फिलहाल गुरदीप सिंह को उसके गांव ठीकरीवाल के गुरविंदर सिंह, मनजोत सिंह ने सहारा देकर अपने घर रखा है। लेकिन उसके पास पासपोर्ट न होने के कारण वह अभी घर नहीं लौट सकता। उन्होंने पंजाब सरकार, केंद्र सरकार और यूएई सरकार से अपील की है कि कि गुरदीप सिंह को जल्द वापस भेजने का प्रबंध किया जाए। गुरदासपुर के डीसी मोहम्मद इश्फाक ने बताया कि उक्त मामला उनके ध्यान में आ चुका है।
फगवाड़ा के युवक चरणजीत सिंह के परिजनों ने जब वीडियो देखा तो वह आंसू रोक नहीं पाए। चरणजीत की पत्नी संदीप कौर ने बताया कि घर में तंगी के कारण चरणजीत-2018 में लेबर के काम के लिए दुबई गया था। उसकी अपने पति से अंतिम बार फरवरी-2020 में बात हुई थी। उसने बताया था कि कोरोना के चलते कई कंपनियां बंद हो गई हैं।
काम की तलाश में वह कई जगह घूम-घूम कर पता कर रहे हैं लेकिन कोई बात नहीं बनी। काम न मिलने की वजह के रहने की जगह भी छिन गई। चरणजीत और उसका साथी फुटपाथ पर रह रहे हैं। पाकिस्तानी युवक ही उनको खाना-पानी दे रहा है। परिजनों ने जब से वीडियो देखा है उनका रो-रोकर बुरा हाल है। संदीप कौर और उनके बच्चों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि चरणजीत की वापसी में उनकी सहायता की जाए।