फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचकूला सिलेंडर ब्लास्ट: जख्मी दो लोगों की वेंटिलेटर न मिलने से मौत

Mon, 23 Oct 2017 11:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
विज्ञापन
panchkula cylinder blast
विज्ञापन
सेक्टर-10 में सिलेंडर ब्लास्ट में घायल दो लोगों को जीएमसीएच-32 में समय पर वेंटिलेंटर न से मौत हो गई। हालांकि अस्पताल का दावा है कि एक मरीज को वेंटिलेटर की सुविधा मुहैया की गई थी। रविवार को सुबह सेक्टर-10 निवासी 77 वर्षीय आरसी शर्मा सहित ध्वस्त हुए मकान के मालिक अजीत चौधरी की भी मौत हो गई।
विज्ञापन


धमाकों में घायल नौ लोगों में से तीन की अब तक मौत हो चुकी है। जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। बाकी दोनाें गंभीर व्यक्तियों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है।  बुधवार रात सेक्टर-10 के मकान नंबर-702 में अचानक एक के बाद एक हुए दो धमाकों की चपेट में आने से नौ लोग जख्मी हो गए थे। भयानक धमाकों की गूंज सेक्टर-15, 16, नौ, आठ तक पहुंची थी। 

घटना में जख्मी एचआर शर्मा की दो दिन पहले जीएमसीएच-32 में मौत हो गई थी जो बुरी तरह झुलस गए थे। रविवार को सुबह करीब आठ बजे पंजाब इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के रिटायर्ड सीनियर अकाउंटेंट की भी वेंटिलेटर न मिलने से मौत हो गई थी। परिजनों ने बताया कि उनके शव का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा। दोपहर बाद सेक्टर-10 के मकान नंबर-702 के मालिक अजीत चौधरी, जो एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत थे, उनकी भी मौत हो गई। अजीत चौधरी के पिता खरड़ में रहते हैं। जबकि उनके अन्य भाई विदेश में रहते हैं। अजीत यहां अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

खुद घर का दरवाजा खोलने पहुंचे थे अजीत 

panchkula cylinder blast
खुद घर का दरवाजा खोलने पहुंचे थे अजीत 
घटना के दिन जब पड़ोसियों ने अजीत को फोन कर गैस लीकेज की बात कही तो वह अपने एक साथी के साथ पहुुंचे। इस दौरान पहले से वहां कुछ और लोग मौजूद थे। लेकिन जैसे ही अजीत ने घर का दरवाजा खोला तो इसके बाद हुए दो धमाकों ने तीन लोगों की जानें ले ली।

इस घटना में घर का एक हिस्सा ध्वस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया है जबकि बाइक, एसी सहित तमाम घरेलू समान और उपकरण भी मलबे में अभी भी दबे हैं। इस घटना में गुजरात के पोरबंदर निवासी आईटी कंपनी में कार्यरत जिग्नेश भी धमाके की चपेट में आए, जिन्हें परिजनों ने जीएमसीएच-32 से किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। एक और घायल अब भी फोर्टिस में उपचाराधीन है। जबकि दो युवकों की हालत में सुधार है। 

घायल अजीत बार बार हादसे में जख्मी लोगों के सामने जोड़ रहे थे हाथ
अस्पताल में इलाज के दौरान अजीत अन्य घायलों के सामने हाथ जोड़कर बार-बार कह रहे थे कि मेरी गलती की वजह से ऐसा हुआ। दरअसल घटना के वक्त अजीत अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान जैसे ही उन्हें सूचना मिली तो वह अपने एक दोस्त के साथ घर पहुंचे। दरवाजा तोड़ने से मना किया, लेकिन तब तक घर के बाहर कई लोग इकट्ठा हो चुके थे। दरवाजा खुलते ही धमाकों की चपेट में आठ-नौ लोग आ गए थे। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें