कुछ देर इधर-उधर देखा, लेकिन पता नहीं चलने पर टैंक की तरफ झांक कर देखा तो वह दोनों अंदर थे। होटल कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर दमकल कर्मियों को बुलाया।
करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है। दमकल कर्मी कृष्ण कुमार, संजय ढिल्लो,बिजेंद्र, दीपक, योगेश, नवीन व कृष्ण आदि ने शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत की।
सावधानी बरती होती तो बच जाती दोनों की जान
फिलहाल दोनों शवों को नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त दोनों मृतकों के अलावा वहां कोई मौजूद नहीं था। ऐसे में घटना की वास्तविकता को लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। लेकिन एक बात तो साफ हो गई कि सेफ्टी टैंक से मोटर निकालकर सफाई करते वक्त किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरती गई। हादसे के वक्त वहां कोई अन्य मौजूद रहा होता तो दोनों को बचाया जा सकता था।
शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों मृतक सेफ्टी टैंक की मोटर को बाहर निकालने के लिए टैंक में उतरे थे। - बिजेन्द्र कुमार, एसएचओ, मॉडल टाउन।