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मोटर मिस्त्री वापस नहीं आया तो सेफ्टी टैंक में उतर गया रसोइया, दोनों की दम घुटने से मौत

Mon, 14 Oct 2019 08:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी (हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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शहर के हुड्डा बाईपास स्थित एक होटल के सेफ्टी टैंक की खराब मोटर को बाहर निकालने के लिए उतरे होटल के रसोइया और मोटर मिस्त्री की जहरीला गैस में दम घुटने से मौत हो गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शवों को पुलिस ने दमकल कर्मियों की मदद से बाहर निकाला। पुलिस दोनों शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। मृतकों के परिजनों के आने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

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हुड्डा बाईपास स्थित एक होटल के बाहर बने सेफ्टी टैंक में खराब मोटर को ठीक कराने के लिए होटल की तरफ से गांव बवाना गुर्जर निवासी 32 वर्षीय रामजस को बुलाया गया। सोमवार दोपहर बाद करीब 2 बजे रामजस होटल पहुंचा। वहीं रामजस की मदद करने के लिए बिहार के दरभंगा के गांव कठरा निवासी 22 वर्षीय देवेंद्र को लगा दिया गया। 

देवेंद्र होटल में बतौर रसोइया काम करता था। दोनों ने सेफ्टी टैंक को खोलकर मोटर को बाहर निकाल लिया। लेकिन टैंक की गंदगी साफ करने के लिए उतरा रामजस वापस नहीं आया। उसके बाद उसे देखने के लिए नीचे उतरा देवेन्द्र भी बाहर नहीं आया। दोनों की चप्पल बाहर थी। काफी देर बाद भी जब दोनों वापस बाहर नहीं आए तो होटल के अन्य कर्मचारी वहां पहुंचे। 

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कुछ देर इधर-उधर देखा, लेकिन पता नहीं चलने पर टैंक की तरफ झांक कर देखा तो वह दोनों अंदर थे। होटल कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मौके पर दमकल कर्मियों को बुलाया।

करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दे दी है। दमकल कर्मी कृष्ण कुमार, संजय ढिल्लो,बिजेंद्र, दीपक, योगेश, नवीन व कृष्ण आदि ने शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत की। 

सावधानी बरती होती तो बच जाती दोनों की जान
फिलहाल दोनों शवों को नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त दोनों मृतकों के अलावा वहां कोई मौजूद नहीं था। ऐसे में घटना की वास्तविकता को लेकर कोई बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। लेकिन एक बात तो साफ हो गई कि सेफ्टी टैंक से मोटर निकालकर सफाई करते वक्त किसी प्रकार की सावधानी नहीं बरती गई। हादसे के वक्त वहां कोई अन्य मौजूद रहा होता तो दोनों को बचाया जा सकता था। 

शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों मृतक सेफ्टी टैंक की मोटर को बाहर निकालने के लिए टैंक में उतरे थे। - बिजेन्द्र कुमार, एसएचओ, मॉडल टाउन।
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