ट्राइसिटी (चंडीगढ़-मोहाली व पंचकूला) में रविवार को कोरोना के तीन मरीजों में ओमिक्रॉन की पुष्टि से हड़कंप मच गया। दो मरीज मनीमाजरा के चूड़ी वाला मोहल्ला के रहने वाले हैं जबकि तीसरा मरीज पंचकूला के कालका में मिला है। पंचकूला में यह ओमिक्रॉन का पहला केस है। मरीज की पहचान कालका हाउसिंग बोर्ड निवासी 23 वर्षीय युवती के रूप में हुई है। वह 15 दिसंबर को अमेरिका (यूएस) से लौटी थी।
वहीं, मनीमाजरा के चूड़ी वाला मोहल्ला में मिले दोनों मरीज इटली से लौटे संक्रमित युवक के संपर्क में आए थे। युवक के संपर्क में आए तीन अन्य ओमिक्रॉन संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। बता दें कि बीते दिनों इटली से लौटे युवक के संपर्क में आने पर 17 दिसंबर को पांच लोग कोरोना संक्रमित मिले थे। दो नए मरीजों के मिलने के बाद चंडीगढ़ में ओमिक्रॉन के कुल तीन मरीज हो गए हैं। इनमें से दो अस्पताल से घर लौट चुके हैं जबकि एक अब भी अस्पताल में है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मनीमाजरा में संक्रमित मिले मरीजों में से एक 80 वर्षीय वृद्ध हैं, जो उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित हैं। उन्हें अस्पताल में ही आइसोलेट किया गया है। 24 दिसंबर को उनकी की गई कोविड-आरटीपीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब एक जनवरी को दोबारा जांच की जाएगी। वहीं, दूसरा संक्रमित 45 वर्षीय पुरुष है, जिसकी 24 दिसंबर को की गई आरटीपीआर जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, वहीं जिन तीन लोगों की जिनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आना अभी बाकी है, उनकी 24 दिसंबर को की गई आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आने पर उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मनीमाजरा में स्थिति ज्यादा खराब
संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए शहर में मनीमाजरा को सबसे बड़ा हॉटस्पॉट माना जा रहा है, क्योंकि महज दिसंबर में मनीमाजरा में चूड़ी वाला मोहल्ला समेत चार कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। इसमें मनीमाजरा हाउसिंग कंपलेक्स, मनीमाजरा पीपलीवाला टाउन, चूड़ी वाला मोहल्ला और माड़ीवाला टाउन शामिल हैं।
युवक के संपर्क में रहकर हुए संक्रमित
इटली निवासी युवक 21 नवंबर को अमृतसर एयरपोर्ट पर आया था। इस दौरान उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह अपने एक परिजन के साथ मनीमाजरा पहुंचा। उसे दो नवंबर को इटली वापस जाना था। उसने एक दिसंबर को अपनी कोरोना की जांच कराई, जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। विदेश से आने के कारण उसकी रिपोर्ट तत्काल दिल्ली भेजी गई। हालांकि उसके परिवार के सात सदस्यों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद उसे परिवार के सदस्यों के साथ ही क्वारंटीन कर दिया गया। उसके संपर्क में आने से उसके घर के पांच अन्य लोग कोरोना संक्रमित हो गए थे। उनमें से ही दो में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है।