चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने संपत्ति कर जमा कराने की अंतिम तिथि को दो महीने के लिए बढ़ा दिया है। पहले 31 मई तक का समय दिया गया था, जो अब 31 जुलाई तक बढ़ गया है। ऐसे में व्यावसायिक संपत्ति कर जमा करने पर 10 प्रतिशत व आवासीय संपत्ति कर के भुगतान पर 20 प्रतिशत की छूट का लाभ भी 31 जुलाई तक मिलेगा। गृह सचिव नितिन कुमार यादव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। अप्रैल माह की सदन बैठक में इस मामले पर हंगामा हुआ था। उसके बाद आयुक्त ने सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट को पत्र लिखकर समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
नगर निगम ने वर्ष 2019 में कॉलोनियों और 28 मार्च 2022 को 13 गांवों से संपत्ति कर लेने की अधिसूचना जारी की थी। निगम के पास कोई आंकड़ा नहीं था, जिससे घरों की संख्या का आकलन किया जा सके इसलिए निगम ने सर्वे कराया। इसमें पता चला कि कॉलोनियों में 18 हजार और गांवों में लगभग चार हजार घर हैं, जिनसे निगम को संपत्ति कर लेना है। इसके बाद बिल भेजा जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में नगर निगम ने 80 करोड़ राजस्व लाने का लक्ष्य रखा है। इसमें से अभी तक सात करोड़ से ज्यादा रुपये आ चुके हैं।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए निगम ने 55 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य रखा था, जिसके सापेक्ष 70 करोड़ राजस्व इकट्ठा किया गया था। नगर निगम हर साल संपत्ति कर भरने के लिए लोगों को सेल्फ असेसमेंट स्कीम का लाभ देता है। इसके अंतर्गत एक अप्रैल से 31 मई तक आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति कर जमा करवाने वालों को छूट दी गई, जिसे बढ़ाकर अब 31 जुलाई कर दिया गया है।