इसके बाद भी जीरा सदन में बने रहे और सहयोगी विधायकों से मिलते भी रहे। कांग्रेस के दूसरे विधायक निर्मल सिंह शुतराना भी रैपिड टेस्ट में निगेटिव बताए गए थे। शुक्रवार को सदन में भी वे काफी अस्वस्थ दिखाई दिए, जिसके चलते दोपहर में उनका दोबारा टेस्ट किया गया। इसमें उन्हें पॉजिटिव बताया गया।
विधानसभा स्पीकर राणा केपी सिंह ने कोरोना संकट के मद्देनजर एक दिवसीय सत्र के लिए कड़ी बंदिशें लागू की थीं। सदन के भीतर सभी सदस्यों के अलग-अलग बैंचों पर बैठने की व्यवस्था के अलावा सत्र से 72 घंटे पहले सभी सदस्यों और विधानसभा में ड्यूटी निभाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के कोरोना टेस्ट करवाए गए थे।
एहतियात के तौर पर उन्होंने सभी सियासी पार्टियों से यह अपील भी की थी कि जिनके सदस्य पॉजिटिव पाए गए हैं, उनके संपर्क में आए विधायक सदन में आने के बजाय एकांतवास में जाएं। सभी उपायों के बाद भी सदन में दो कोरोना पॉजिटिव सदस्यों के मौजूद रहे। अब सदन में मौजूद मंत्रियों और विधायकों को कोविड प्रोटोकॉल के अंतर्गत कम से कम एक हफ्ते एकांतवास में जाना पड़ेगा।
प्रवेश से पहले नहीं हुआ कोरोना टेस्ट
विधानसभा में प्रवेश से पहले विधायकों के कोरोना टेस्ट कराने की व्यवस्था की गई लेकिन ऐसा किया नहीं गया। सदस्यों को अपनी 72 और 48 घंटे पुरानी निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर ही सदन में प्रवेश मिला। गुरुवार को राज्य की मुख्य सचिव विनी महाजन ने सभी सियासी दलों से अपील की थी कि जो सत्र में भाग लेने के इच्छुक हैं, वे शुक्रवार को समय से पहले विधानसभा पहुंचकर अपने दोबारा टेस्ट कराएं।