वहीं मकान नंबर-95सी निवासी राजू की मां लक्ष्मी ने बताया कि उनका बेटा सुबह तैयार होने के बाद स्कूल गया। दोपहर वह 2 बजे वापस घर वापस आ जाता था, लेकिन जब वहीं वापस नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। उन्होंने बताया कि कभी राजू को डांटा तक नहीं है, फिर भी पता नहीं वह 2 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद वापस घर क्यों नहीं आया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद
घटना के बाद आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया। इस दौरान स्कूल के सामने लगे एक फुटेज में दोनों छात्र कैद हो गए, जो कि स्कूल के छुट्टी के बाद दोनों वापस जाते दिख रहे है। इसमें उन दोनों का बैंग और युनिफार्म भी दिख रहा है। अब सवाल यह कि दोनों दोस्त स्कूल से निकलने के बाद कहां गए होंगे। जिस जगह बैग और उनकी यूनिफार्म मिले उससे घर की दूरी करीब 100 मीटर है। साथ ही दोनों ही बच्चे अपने परिवार के इकलौते बेटे है।
पिता ने बोला मिली थी धमकी
छात्रों के लापता होने के बाद आसपास के करीब 200 लोगों ने देर-रात तक जंगलों में टार्च लेकर बच्चों की तलाश करते रहे। साथ ही शिवा के पिता सुरेंद्र ने बताया कि उनकी जीरकपुर में दुकान है करीब 1 सप्ताह पहले बाइक पार्किंग को लेकर एक युवक से मारपीट हो गई थी। जिसके बाद युवक ने किसी जानकर को फोन कर मारने की धमकी दी थी हो सकता हो उसी ने यह काम किया हो।
छात्रों के परिजन से मिले पूर्व डिप्टी मेयर
घटना के बाद मौलीजागरां के पार्षद व पूर्व डिप्टी मेयर अनिल दूबे बच्चों के घर पहुंचे उन्होंने परिवार वालों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस दौरान उनके साथ भाजपा नेता अरविंद सिह, रामबाबू, ओपी यादव, शानू दूबे आदि मौजूद थे। अनिल दूबे को बच्चों की खोज के लिए लगा दिया गया है।