विदेशों में मारे गए पंजाबियों को अपने वतन की मिट्टी नसीब होने की उम्मीद जगी है। उनका अंतिम संस्कार पंजाब में होने की आस बंधी है। ऐसे दो मामलों में संज्ञान लेते हुए एनआरआई कमीशन ने निर्देश जारी किए हैं कि मृतकों के शवों को यहां लाने का इंतजाम किया जाए।
इनमें से अमृतसर के रजिंदर शर्मा की अमेरिका में हत्या कर दी गई थी, जबकि होशियारपुर के रंजीत सिंह की लीबिया में मौत हो गई थी। दोनों ही के परिजन शव लाने का खर्च उठाने में असमर्थ है।
कमीशन की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि दोनों ही मामलों में मृतकों की देह भारत लाना पहली जरूरत है। कमीशन महसूस करता है कि पंजाब सरकार को इसमें तुरंत दखल देना चाहिए। ओवरसीज इंडियन अफेयर्स मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों के लिए कई स्कीमें चलाई हैं। जिनमें इंडियन कम्यूनिटी वेलफेयर फंड भी है। इसके जरिये मुसीबत में फंसे लोगों की मदद की जाती है।
इस स्कीम में विदेश में मारे गए भारतीयों केशव लाने या उनका वहीं अंतिम संस्कार करने का इंतजाम करने का भी प्रावधान है। विशेषकर उन मामलों में जहां स्पॉन्सर यह नहीं करना चाहता और परिजन खर्च उठाने में असमर्थ हैं। कमीशन ने प्रमुख सचिव (गृह) को इस संबंध में इस मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश की कॉपी ओवरसीज इंडियन अफेयर्स मंत्रालय, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (एनआरआई मामले) को भी भेजी गई है। ताकि वे अपने स्तर पर कदम उठा सकें। क्योंकि मामला आपातकालीन है।
रजिंदर की हुई थी हत्या
अमृतसर निवासी रजिंदर शर्मा (45) की वाशिंगटन में बीते दिनों हत्या कर दी गई थी। वह अपने डिपार्टमेंटल स्टोर पर ड्यूटी कर रहा था। तभी एक व्यक्ति ने उसे धमका कर कैश मांगा। रजिंदर ने कैश दे दिया, उसके बाद भी उस व्यक्ति ने गोली मार दी। उसके बाद आए एक ग्राहक ने शव देखा। रजिंदर का परिवार शव यहां लाने का खर्च उठाने में असमर्थ है। कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने इस संबंध में परिवार को भरोसा दिया है। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी बात की।
रंजीत की लीबिया में हुई मौत
गांव तलवंडी आर्या, होशियारपुर निवासी रंजीत सिंह (28) डेढ़ साल पहले रोजगार के सिलसिले में लीबिया गया था। दो अगस्त को रंजीत के साथियों ने उसके घरवालों को फोन करके बताया कि उसकी मौत हो गई है। हालांकि उन्होंने मौत का कारण नहीं बताया। उसके दोस्तों ने बताया कि उनके पास रंजीत के ढाई लाख रुपये हैं।
शव भारत भेजने के लिए उन्होंने परिजनों से दो लाख रुपये और मांगे। जिसके बाद रंजीत की मां भूपिंदर कौर ने डीसी होशियारपुर को अर्जी दी कि उनके बेटे के शव को यहां लाने का इंतजाम किया जाए। ताकि उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। सांसद अविनाश राय खन्ना ने भी परिवार को मदद का भरोसा दिया।