लोकल फंड के पेपर में ये आईएएस-एचसीएस नहीं हुए पास
. 2017 बैच के आईएएस स्वपनिल रविंद्र पाटिल, सहायक आयुक्त अंडर ट्रेनिंग, हिसार
. 2017 बैच के आईएएस साहिल गुप्ता, सहायक आयुक्त अंडर ट्रेनिंग, करनाल
. 2016 बैच के एचसीएस डॉ. इंद्रजीत, संयुक्त सीईओ, हरियाणा निर्वाचन आयोग
. 2016 बैच की एचसीएस सुमन भांखर, सीईओ जिला परिषद व डीआरडीए पानीपत
. 2016 बैच के एचसीएस अनिल नागर, जीएम हरियाणा रोडवेज चंडीगढ़
. 2016 बैच के एचसीएस शंभू, संयुक्त आयुक्त नगर निगम सोनीपत
. 2016 बैच के एचसीएस संयम गर्ग, सिटी मजिस्ट्रेट कुरुक्षेत्र
. 2016 बैच के एचसीएस संजय कुमार, एसडीएम गूहला।
. 2016 बैच के एचसीएस रविंद्र कुमार, सीईओ जिला परिषद व डीआरडीए, भिवानी।
किस पेपर को पास करने पर मिली कौन सी शक्तियां
उधर, इन एचसीएस ने क्रिमिनल लॉ, सिविल लॉ, रेवन्यू लॉ जैसे कठिन पेपर को पास कर लिया है, लेकिन लोकल फंड के पेपर को हल्के में लेने पर उसे पास करने से रह गए। क्रिमिनल लॉ का पेपर पास करने पर आईएएस व एचसीएस को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां मिल गई हैं। अब ये अधिकारी शांति भंग करने सहित इस तरह के अन्य मामलों की सुनवाई कर सकेंगे।
सिविल लॉ की परीक्षा पास कर इन्हें जमीनी विवाद से जुड़े मामले सुनने की शक्तियां मिली हैं। रेवन्यू लॉ का पेपर पास कर ये अधिकारी पटवारी या तहसीलदार की ओर से भेजे जाने वाले प्रॉपर्टी पार्टीशन के मामलों को निपटाने के भी अधिकृत हो गए हैं। लोकल फंड के दुरुपयोग से जुड़े मामलों का निस्तारण करने के लिए इसकी विभागीय परीक्षा अब दोबारा देनी होगी।