वहीं इमरजेंसी वार्ड के प्रवेश व निकासी द्वार के समीप लाइटें नहीं जलती। यदि हमलावर किसी डॉक्टर पर चाकू अथवा अन्य हथियार से वार कर देता तो इसका कसूरवार कौन होता? डॉ. अमृत पाल ने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। दुखद यह कि अस्पताल प्रशासन इन कैमरों का रखरखाव नहीं कर पाया। यही वजह है कि रेजिडेंट डॉक्टर पर हुए हमले के बाद सीसीटीवी कैमरों में कुछ भी कैद नहीं हुआ।
एक मरीज के साथ आते हैं दस अटेंडेंट
रेजिडेंट डॉक्टर्स ने कहा कि अस्पताल में एक मरीज के साथ दस लोग दाखिल हो जाते हैं। क्या इन्हें रोकना होमगार्ड का जिम्मा नहीं। डॉक्टर जब मरीज का इलाज करता है तो ये लोग भी आसपास में मंडराते हैं। फिर इलाज प्रक्रिया बाधित होती है। कई बार मरीज दर्द से कराहता है तो परिजनों का गुस्सा डॉक्टरों पर फूटने लगता है।
16 मांगों का पुलिंदा प्रिंसिपल को सौंपा
डॉक्टरों ने 16 मांगों का एक पुलिंदा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा को सौंपा है। इसमें पंजाब आर्म्ड पुलिस की सुरक्षा, अस्पताल के प्रवेश द्वार व निकासी पर आने जाने वाले से पूछताछ, मरीज के साथ एक अटेंडेंट को अंदर आने की इजाजत, सीसीटीवी कैमरा की रिपेयर, आईसीयू, एचसीयू, लेबर रूम, इमरजेंसी वार्ड में कैमरे लगाए जाएं, इमरजेंसी वार्ड में सभी दवाएं, फ्लूड व उपकरण दिए जाएं।
इमरजेंसी वार्ड सहित सभी वार्डों की नियमित रूप से मेंटेनेंस कराई जाए। इमरजेंसी वार्ड में डिस्प्ले मॉनिटर लगाए जाएं, जिस पर यह दर्ज हो कि कौन सी दवा एवं चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं और कौन से नहीं, इत्यादि मांगे शामिल हैं। डॉक्टर्स ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद अदालती केस अस्पताल प्रशासन स्वयं देखे।
उच्च अधिकारियों से बात कर मांग लागू कराएंगे : डॉ. मृदु ग्रोवर
पंजाब डेंटल टीचर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. मृदु ग्रोवर भी इस धरने में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि जेआर व एसआर सिस्टम में रहकर काम करना चाहते हैं। जो सामान उन्हें चाहिए, वह अस्पताल प्रशासन उपलब्ध कराए। डॉक्टर्स की सुरक्षा का मुद्दा बड़ा है।
रेजिडेंट डॉक्टर सचिन वर्धन पर हमला करने वाले आरोपी आसानी से काम कर चलते बने। यह बहुत दुखद घटना है। हम उच्चाधिकारियों से बात कर इनकी मांगों को लागू करवाएंगे। वैसे सरकार ने अस्पताल को यूजर चार्जेज खर्च करने की आज्ञा दे दी है। इस पैसे से जरूरी काम कराए जा सकते हैं।
हड़ताल से सेहत सेवाएं ठप
डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से अस्पताल में सेहत सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। चूंकि डॉक्टरों ने सुबह ही ऑपरेशन थिएटर बंद कर दिया था, इसलिए सोमवार को ऑपरेशन नहीं हो सके। ऐसी स्थिति में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुरिंदर पाल ने छुट्टी पर गए सीनियर डॉक्टर्स को अस्पताल बुला लिया। हालांकि एसआर व जेआर ने काम को हाथ नहीं लगाया। डॉ. सुरिंदर पाल ने कहा सोमवार को जिन मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो सके, वह कल कर दिए जाएंगे।
पीएपी जवान होंगे तैनात : एसीपी
एसीपी सर्बजीत सिंह बाजवा ने कहा कि अस्पताल की सुरक्षा में लगाए गए होमगार्ड जवानों ने अपना काम ठीक से नहीं किया। पुलिस विभाग उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद यहां पंजाब आर्म्ड पुलिस के जवान तैनात किए जाएं। हम सुरक्षा के हर पहलू की समीक्षा कर रहे हैं।