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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट की बैठक में हंगामे के बाद हाथापाई, वीसी व रजिस्ट्रार को घेरा, जानिए मामला

Mon, 27 May 2019 10:02 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट की बैठक में घंटों हंगामा हुआ। यही नहीं सुभाष शर्मा गुट व गोयल बंधुओं के समर्थक आमने सामने आ गए और हाथापाई हो गई। साथ ही वीसी प्रो. राजकुमार व रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह का घेराव भी हुआ। इस दौरान दोनों अधिकारी बाहर चले गए। दोनों पक्षों के लोगों को नियम का हवाला देते हुए करीब आधे घंटे तक समझाया गया।
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इसके बाद तय हुआ कि 28 मई को सिंडिकेट की बैठक में तय होगा कि सीनेट का विशेष सत्र कब बुलाया जाए। सिंडिकेट की बैठक में पिछले माह में एसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. भूषण के शर्मा का उसी पद पर री-अप्वाइंटमेंट कर दिया गया। इसका विरोध हुआ, लेकिन सिंडिकेट ने किसी की नहीं मानी।

विरोध में उतरे डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. केके शर्मा आदि ने नियमों की धज्जियां उड़ाने पर सदस्यों तक बात पहुंचाई और 19 सदस्यों ने लिखित में वीसी को दिया कि वह विशेष सत्र सीनेट का बुलाएं, ताकि इस पर बहस हो सके। लेकिन सदस्यों की बात न मानी गई और न उन्हें जानकारी दी गई।
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रविवार को हुई सीनेट की बैठक यह प्रस्ताव पास कराने के लिए पहले इसे एजेंडे में शामिल किया गया, लेकिन बाद में उसे अचानक विड्रो दिखा दिया गया। इस पर बैठक के आखिर में बहस शुरू हुई तो डॉ. सुभाष शर्मा ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। सीनेटर विक्की, प्रो. रंगा ने पीयू कैलेंडर, यूजीसी के नियम व पंजाब सरकार के नियमों को सदन के सामने रखा।

कहा कि वीसी अभी सीनेट के विशेष सत्र की तिथि घोषित करें। काफी देर तक बहस होती रही। आखिर में वीसी ने तिथि घोषित करना शुरू किया तो अशोक गोयल, डॉ. नवदीप गोयल, प्रो. केशव मल्होत्रा और उनके पक्ष के लोग खड़े हो गए। हंगामा शुरू हो गया। इसी बीच किसी एक सदस्य ने कुछ गलत शब्दों का प्रयोग किया तो मामला बढ़ गया।

दोनों ही पक्ष के लोग आमने सामने आ गए। कुछ सदस्यों में हाथापाई हुई और वीसी का घेराव किया गया। अशोक गोयल ने वीसी से कहा, सदस्यों को शांत करें, अन्यथा यहां वो होगा जो सोचा नहीं था। यह बात सुनकर वीसी बाहर चले गए। रजिस्ट्रार को भी बुलाया। साथ ही दोनों पक्ष के लोग पहुंचे। वहां तय हो गया कि सिंडिकेट की बैठक में तिथि तय करके सीनेट का सत्र बुलाया जाएगा। उसके बाद सदस्य शांत हुए।
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सिंडिकेट के फैसलों से सीनेट आक्रोशित, डॉ. सुभाष का पलड़ा भारी

सीनेट के सदस्यों ने सिंडिकेट को आड़े हाथों लिया। विक्की गिल ने आरोप लगाया कि सिंडिकेट मनमाने फैसले ले रही है। नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पीयू का भविष्य खतरे में है। उन्होंने कहा कि डॉ. नवदीप गोयल पर लगे आरोपों की जांच सीबीआई से कराई जाए। डॉ. सुभाष शर्मा ने भी कई गंभीर आरोप सिंडिकेट पर लगाए।

आरोपों का दूसरे पक्ष ने विरोध किया लेकिन घंटों मामला गरम रहा। पूरी बैठक में डॉ. सुभाष शर्मा का पलड़ा भारी रहा। वह अपनी मांगों पर नियमों के हवाले से डटे रहे। हालांकि उनकी एक मांग का सत्यपाल जैन ने विरोध किया, लेकिन बाद में वह चले गए थे।

डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि बिना एजेंडे के किसी प्रस्ताव पर अगर मुहर नहीं लग सकती तो डीन रिसर्च का प्रस्ताव भी ऐसे ही लाया गया था उन्हें हटाया जाए। आखिर में तय हुआ कि हर बात अब एजेंडे के जरिये आएगी और शून्य सत्र में जो प्रस्ताव आएंगे उन पर फाइनल फैसला नहीं लेकर जांच आदि के लिए कमेटी बनाई जाएगी।

बैठक में सांसद किरण खेर व कांग्रेसी नेता पवन बंसल नहीं पहुंचे। सीनेट सदस्य संजय टंडन भी कुछ देर ही रुके। कुछ अन्य सदस्य भी लंच के बाद कम हो गए।

 
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