थाना घग्गा पुलिस ने एक नवंबर को उक्त गिरोह के दो सदस्यों अमनदीप सिंह और अरविंदर सिंह को मोटरसाइकिल पर समाना से पातड़ां जाते समय गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों के पास से ही अलग-अलग गाड़ियों की 80 आरसी (जिनमें से 11 हरियाणा की और बाकी पटियाला से संबधित हैं), 132 परमिट (आरटीए जिला पटियाला की ओर से जारी) और सात जाली मोहरें (जिनमें से पांच मोहरें आरटीए पटियाला और दो मोहरें खाली) बरामद हुईं।
गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान इनकी निशानदेही पर चार टिप्पर, दो महिंदरा पिकअप, एक घोड़ा ट्राला और पांच ट्रक बरामद किए गए। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आगे लगे नुमैरिकल और अल्फाबैटिकल नंबरों में कुछ फर्क डालकर जाली एनओसी बाहरी राज्यों खास तौर से अंबाला (हरियाणा) से तैयार करवा के पंजाब में जाली एड्रेस प्रूफ बनाकर पंजाब नंबर की आरसी तैयार करके उनको आगे डीलरों को दे देते थे।
आरोपियों ने यह भी बताया है कि इस तरह की कुछ अन्य आरसी, परमिट और जाली मोहरें विभिन्न रजिस्ट्रेशन अथारिटियों की इनके तीसरे फरार साथी प्रदीप शर्मा के पास भी हैं। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह के साथ आरटीए दफ्तर अंबाला (हरियाणा) और आरटीए दफ्तर पटियाला की मिलीभगत और जो गाड़ियां बरामद हुई हैं, वह चोरी की हैं या बैंक की ओर से रिकवर की हुई हैं, इन सबकी गहनता से जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि इस मामले में अगर कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आरोपी पाया गया, तो उसको बख्शा नहीं जाएगा।