पंजाब के पूर्व मंत्री एवं आप विधायक विजय सिंगला और कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु को मंगलवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। दोनों नेता भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं। विजय सिंगला की याचिका पर सुनवाई चार जुलाई और भारत भूषण आशु की याचिका पर सुनवाई को छह जुलाई तक स्थगित कर दिया गया है।
पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को उनकी ही सरकार ने कमीशन मांगने के आरोप में गिरफ्तार करवाया था। इसके बाद उन्होंने मोहाली की अदालत में जमानत की गुहार लगाई थी। हालांकि याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मंगलवार को पंजाब सरकार ने मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंप दी है। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई चार जुलाई तक स्थगित कर दी है।
भारत भूषण आशु ने याचिका में कहा है कि 2018-2019 में जब वह खाद्य और आपूर्ति मंत्री थे तो उस समय पंजाब फूड ग्रेंस ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी लाई गई थी। इसे कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इसमें ई-टेंडर के जरिये टेंडर मांगे गए थे। टेंडर की प्रक्रिया डीसी द्वारा पूरी की जाती थी। याची ने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद राजनीतिक रंजिश के चलते उसे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।
आशु पर दो हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है और इस मामले में विजिलेंस जांच कर रही है। आशु ने हाईकोर्ट से अपील की है कि विजिलेंस को आदेश दिया जाए कि यदि याची को गिरफ्तार करना है तो उससे पहले सात दिन का पूर्व नोटिस दिया जाए। हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में यह याचिका पिछले सप्ताह दाखिल की गई थी। याचिका पर आपत्ति लगने के चलते पिछले सप्ताह इस पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। अब हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई छह जुलाई तक स्थगित कर दी है।