सायबथलोन में हिस्सा लेने वाले पैरा एथलीट
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मोहाली स्थित पैरालेजिक रिहैबिलेशन सेंटर (पीआरसी) के दो पूर्व सैन्य कर्मी व पैरा एथलीट 2 और 3 मई 2020 को स्विट्जरलैंड स्थित ज्यूरिख में होने वाली एक्सोस्केलेटन रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। अजीत कुमार शुक्ला और अरुण पाल ड्यूटी के दौरान एक अप्रिय घटना में गोली लगने के कारण दिव्यांग हो गए थे। 14 साल बाद दोनों अपने पैरों पर खड़े होकर इस गौरवमयी पल का हिस्सा बनेंगे।
चैंपियनशिप के दौरान भारत सरकार के इलेक्ट्रिॉनिक्स एंड आईटी मंत्रालय के अधीन नई दिल्ली स्थित हेल्थ स्टार्ट अप जेनएलेक टेक्नोलोजीस द्वारा विशेष रूप से दिव्यांग लोगों के लिए रोबोटिक एक्सोस्केलेटन सूट तैयार किया, जिससे ये दोनों पैरा एथलीट मुकाबले में उतरकर रेस में अन्य 17 टीमों के खिलाड़ियों को टक्कर देंगे। जेनएलेक टेक्नोलोजीस के एक्सपर्ट्स की देखरेख में इन दोनों पैरा एथलीट को मोहाली स्थित पीआरसी में करीब दो माह तक ट्रेनिंग दी जाएगी।
साइबाथलोन विशेष रूप से दिव्यांग लोगों के लिए एक मंच है जहां दुनिया भर से इस साल 93 टीमें छह अलग-अलग विषयों में तकनीकी सहायता प्रणालियों का उपयोग करके प्रतिस्पर्धा करेंगी। कार्यक्रम की जानकारी पीआरसी के निदेशक कर्नल गुरकीरत सिंह, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनुराग सिंह और जेनएलेक टेक्नोलोजीस के को-फाउंडर विवेक पांडेय ने दी।
प्रतियोगिता में छह रेस का आयोजन
प्रतियोगिता में ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस रेस, फंक्शनल इलेक्ट्रिकल स्टीमुलेशन बाइक रेस, पावर्ड आर्म प्रोथोसेसिस रेस, पावर्ड लेग प्रोथेसेसिस रेस, पावर्ड एक्सोस्केलेटन रेस और पावर्ड व्हीलचीयर रेस शमिल हैं।
देश के लिए गौरव का क्षण: जॉन आई कुजुर
विशेष रूप से तैयार इस सूट के निर्माता व जेनएलेक टेक्नोलोजीस के संस्थापक जॉन आई कुजुर ने कहा कि देश के लिए गौरव की बात है कि भारतीय सेना के पूर्व सैनिक इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। बड़े मान की बात है कि उनके द्वारा निर्मित किया जा रहा रोबोटिक एक्सोस्केलेटन सूट और ट्रेनिंग में उनका योगदान रहेगा।